ग्रेटर नोएडा में किसानों का आंदोलन फिलहाल स्थगित, पुलिस कमिश्नर के आश्वासन पर बनी सहमति, गिरफ्तार किसान बिना शर्त होंगे रिहा

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ग्रेटर नोएडा में किसानों का आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर कार्यालय में हुई वार्ता के बाद गिरफ्तार किसानों को बिना शर्त छोड़ने का आश्वासन मिला। तीनों प्राधिकरणों के अधिकारियों और जिलाधिकारी के साथ किसानों की मांगों पर बातचीत होगी। किसान संगठनों ने आंदोलन खत्म नहीं करने की बात कही है।

ग्रेटर नोएडा में किसानों की मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। किसानों के प्रतिनिधिमंडल और पुलिस-प्रशासन के बीच हुई बातचीत के बाद यह सहमति बनी। सेक्टर-108 स्थित पुलिस कमिश्नर कार्यालय में किसान प्रतिनिधियों ने अधिकारियों के साथ बैठक की। किसानों के मुताबिक, बातचीत के दौरान गिरफ्तार किए गए किसानों को बिना किसी शर्त के रिहा करने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों पर जल्द वार्ता कराने की बात कही गई। किसानों ने हालांकि साफ कर दिया है कि आंदोलन को सिर्फ स्थगित किया गया है, खत्म नहीं। यदि तय समय में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आगे फिर आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।


तीनों प्राधिकरणों और जिलाधिकारी के साथ होगी वार्ता

किसान प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बातचीत में किसानों से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर आगे की प्रक्रिया पर सहमति बनी। किसानों के अनुसार, जल्द ही तीनों प्राधिकरणों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों और जिलाधिकारी की मौजूदगी में प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता कराई जाएगी। इस बैठक में किसानों की प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा होगी। इनमें 10 प्रतिशत विकसित भूखंड, नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू करना और आबादी से जुड़े मामलों का समाधान प्रमुख है। किसानों का कहना है कि ये मांगें लंबे समय से लंबित हैं और कई बार आंदोलन के बावजूद इन पर स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। अब अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक से उन्हें ठोस प्रगति की उम्मीद है।


नोडल अधिकारी नियुक्त करने और समय सीमा तय करने का आश्वासन

बैठक में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्राधिकरण स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने की बात भी सामने आई। किसानों के मुताबिक, नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी लंबित मामलों की निगरानी और संबंधित विभागों के साथ समन्वय की होगी। इसके साथ ही अलग-अलग मांगों के समाधान के लिए समय-सीमा तय करने का आश्वासन भी दिया गया है। किसानों का कहना है कि सिर्फ आश्वासन देने के बजाय इस बार प्रत्येक मुद्दे पर समयबद्ध तरीके से काम होना चाहिए। इसी भरोसे के बाद फिलहाल आंदोलन को रोकने का फैसला लिया गया है। हालांकि किसान संगठन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखेंगे।


किसानों ने कहा- आंदोलन खत्म नहीं हुआ

किसान प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि मौजूदा सहमति के बाद आंदोलन को स्थगित किया गया है, समाप्त नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि अधिकारियों की ओर से दिए गए आश्वासन के मुताबिक किसानों की समस्याओं पर बातचीत और कार्रवाई आगे बढ़ती है तो स्थिति सामान्य बनी रह सकती है। लेकिन मांगों को फिर से टालने या तय समय सीमा में समाधान नहीं होने पर किसान दोबारा आंदोलन शुरू करने का फैसला ले सकते हैं। फिलहाल किसानों की नजर तीनों प्राधिकरणों और जिलाधिकारी के साथ होने वाली आगामी वार्ता पर है। गिरफ्तार किसानों की रिहाई भी इस समझौते का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

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