ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रिटायर्ड बैंककर्मी से 16 लाख की साइबर ठगी, IGL ऐप डाउनलोड कराने के नाम पर मोबाइल का एक्सेस लिया

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ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रिटायर्ड बैंककर्मी को IGL गैस का ऐप डाउनलोड कराने के नाम पर साइबर ठगों ने 16 लाख रुपये का चूना लगाया। वाट्सऐप लिंक से APK डाउनलोड कराने के बाद मोबाइल का एक्सेस लेकर छह ट्रांजेक्शन में रकम ट्रांसफर की गई।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में साइबर ठगों ने IGL गैस का ऐप डाउनलोड कराने के नाम पर रिटायर्ड बैंककर्मी से 16 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने पहले वाट्सऐप पर IGL गैस से जुड़ा एक लिंक भेजा और उसे ऐप डाउनलोड करने के लिए इस्तेमाल करने को कहा। पीड़ित ने लिंक खोला तो मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड हो गई। इसके बाद ठगों ने उनसे नाम, आधार, पैन कार्ड और डेबिट कार्ड समेत कई जानकारियां भरवा लीं। पुलिस के मुताबिक, जानकारी हासिल करने के बाद आरोपियों ने मोबाइल का एक्सेस ले लिया और बैंक खाते से छह अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 16 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। बैंक से ट्रांजेक्शन के मैसेज आने के बाद पीड़ित को ठगी का पता चला। उन्होंने तुरंत बैंक को सूचना देने के साथ साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर उन खातों और लेनदेन की जांच शुरू कर दी है, जिनमें ठगी की रकम भेजी गई।


वाट्सऐप पर आए लिंक से डाउनलोड हुई APK फाइल

ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी पिंटू रिटायर्ड बैंककर्मी हैं। उनके मुताबिक, 17 जुलाई को दोपहर करीब तीन बजे वाट्सऐप पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया था। मैसेज में IGL गैस से संबंधित लिंक दिया गया था। उन्हें लगा कि यह गैस कंपनी से जुड़ा ऐप है। उन्होंने लिंक खोलकर आगे की प्रक्रिया पूरी की, जिसके बाद मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड हो गई। इसके बाद उन्होंने मांगी गई जानकारी में अपना नाम, आधार कार्ड, पैन कार्ड और डेबिट कार्ड से जुड़ी जानकारी भर दी। आरोप है कि इसके बाद साइबर ठगों ने उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। कुछ ही समय बाद बैंक खाते से रकम निकलने लगी। शाम करीब पांच बजे बैंक से लगातार ट्रांजेक्शन के मैसेज आने पर उन्हें अपने साथ हुई ठगी का पता चला।


छह ट्रांजेक्शन में खाते से निकले 16 लाख रुपये

पीड़ित के मुताबिक, साइबर ठगों ने बैंक खाते से छह बार में कुल 16 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। घटना की जानकारी होने के बाद उन्होंने तत्काल बैंक शाखा से संपर्क किया और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी। बुधवार को शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल के मुताबिक, पुलिस उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है। पुलिस ने लोगों को अनजान नंबरों से आने वाले लिंक और APK फाइलों से सावधान रहने की सलाह दी है। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर निजी या बैंकिंग जानकारी साझा न करने की अपील की गई है। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी गई है।

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