ग्रेटर नोएडा में अक्षय ऊर्जा दिवस पर ऊर्जा भंडारण तकनीक पर जोर, सौर ऊर्जा को स्टोर करने को बताया जरूरी
- Shiv Kumar
- 21 Aug, 2026
ग्रेटर नोएडा के साइट-सी में शुक्रवार को अक्षय ऊर्जा दिवस के मौके पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ ऊर्जा भंडारण की नई तकनीकों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में बताया गया कि बढ़ती बिजली की जरूरत के बीच केवल सौर ऊर्जा का उत्पादन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सुरक्षित तरीके से जमा करके जरूरत के समय इस्तेमाल करना भी जरूरी है। इस दौरान डीजल जनरेटर पर निर्भरता कम करने और घरों में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक इनवर्टर बैटरियों के विकल्प के तौर पर लिथियम बैटरी को अपनाने के फायदे बताए गए। विशेषज्ञों ने कहा कि ऊर्जा भंडारण की बेहतर व्यवस्था से बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिल सकती है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को सौर ऊर्जा आधारित भंडारण व्यवस्था की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई।
लिथियम बैटरी को बताया पारंपरिक बैटरी का बेहतर विकल्प
कार्यक्रम में पारंपरिक इनवर्टर बैटरियों और लिथियम बैटरियों के बीच अंतर समझाया गया। बताया गया कि पारंपरिक बैटरियों में अम्ल का इस्तेमाल होता है और इनके रखरखाव की जरूरत भी अधिक होती है। इसके मुकाबले लिथियम बैटरियां आकार में छोटी और घरों में आसानी से स्थापित की जा सकती हैं। कार्यक्रम में दावा किया गया कि इनकी जीवन अवधि करीब 15 साल तक हो सकती है। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि लिथियम आधारित ऊर्जा भंडारण व्यवस्था का इस्तेमाल बढ़ने से घरों और संस्थानों में बिजली की जरूरत को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकता है। इससे बिजली कटौती या अन्य परिस्थितियों में वैकल्पिक ऊर्जा का इस्तेमाल आसान हो सकता है और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है।
सौर ऊर्जा को जरूरत के समय इस्तेमाल करने पर जोर
कार्यक्रम में बीपीई कंपनी की ओर से ऊर्जा भंडारण के लिए इस्तेमाल की जा रही तकनीकों की जानकारी दी गई। कंपनी के अनुसार, डीजल जनरेटर पर निर्भरता कम करने के लिए लिथियम-आयन भंडारण मंच, सौर ऊर्जा आधारित एमपीपीटी तकनीक और कंटेनर आधारित बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन तकनीकों की मदद से दिन के समय पैदा होने वाली सौर ऊर्जा को जमा किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी के संस्थापक और समूह प्रबंध निदेशक अमितांशु सतपथी ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा पैदा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे जरूरत के समय उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी जरूरी है। कंपनी देश में बने ऊर्जा भंडारण समाधानों को बढ़ावा देने और विनिर्माण क्षमता मजबूत करने के साथ अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां बढ़ाने पर काम कर रही है।
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