नोएडा में पर्थला चौक का बदलेगा ट्रैफिक सिस्टम, 6 लेन अंडरपास से घटेगा जाम, 80 करोड़ रुपये आएगी अनुमानित लागत
- Shiv Kumar
- 24 Aug, 2026
नोएडा। पर्थला चौक पर लगातार बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए 6 लेन अंडरपास बनाने की योजना है। यह अंडरपास एफएनजी कॉरिडोर पर यातायात व्यवस्था को बेहतर करने में अहम भूमिका निभाएगा। प्रस्तावित अंडरपास की कुल लंबाई करीब 710 मीटर होगी और इसके निर्माण पर लगभग 80 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रत्येक दिशा में तीन-तीन लेन होने से वाहनों को चौक पर रुकने की जरूरत कम होगी और यातायात का प्रवाह बेहतर हो सकेगा। प्रस्तावित योजना के मुताबिक निर्माण कार्य करीब 18 महीने में पूरा किया जाना है। अंडरपास बनने के बाद पर्थला चौक पर लगने वाले जाम और वाहनों के लंबे समय तक ठहराव में कमी आने की उम्मीद है। इससे आसपास के प्रमुख सेक्टरों और क्षेत्रों में आने-जाने वाले हजारों लोगों को राहत मिल सकती है।
दोनों दिशाओं में होंगी तीन-तीन लेन
प्रस्तावित अंडरपास को 6 लेन का बनाया जाएगा। इसमें दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन होंगी, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारु तरीके से हो सकेगी। पर्थला चौक पर मौजूदा समय में यातायात का दबाव अधिक रहता है और वाहनों के रुकने से जाम की स्थिति बनती है। अंडरपास बनने के बाद मुख्य यातायात को चौक के नीचे से निकालने की योजना है। इससे सिग्नल और चौराहे पर वाहनों के ठहराव में कमी आने की उम्मीद है। खास तौर पर एफएनजी कॉरिडोर से गुजरने वाले वाहनों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।
80 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत, 18 महीने में निर्माण
अंडरपास की कुल लंबाई करीब 710 मीटर प्रस्तावित है। इसके निर्माण पर लगभग 80 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए करीब 18 महीने की अवधि प्रस्तावित की गई है। परियोजना पूरी होने के बाद पर्थला चौक के आसपास यातायात प्रबंधन में सुधार की उम्मीद है। अंडरपास के निर्माण के दौरान हालांकि यातायात को व्यवस्थित बनाए रखना भी बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों को चरणबद्ध तरीके से काम करने और वाहन चालकों के लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
सेक्टर-66 से किसान चौक तक लोगों को फायदा
पर्थला चौक पर प्रस्तावित अंडरपास का लाभ आसपास के कई सेक्टरों और क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा। सेक्टर-66, सेक्टर-71, सेक्टर-121 और सेक्टर-122 के साथ किसान चौक, छिजारसी और आसपास के इलाकों से आने-जाने वाले वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है। एफएनजी कॉरिडोर पर यातायात का दबाव कम होने से इन क्षेत्रों के बीच सफर का समय भी घट सकता है। परियोजना पूरी होने के बाद पर्थला चौक पर जाम की समस्या कम करने और नोएडा की प्रमुख सड़कों पर यातायात को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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