ग्रेटर नोएडा के अल्फा-2 में RWA चुनाव की सरगर्मी तेज, अध्यक्ष पद के लिए अब तक 6 दावेदार मैदान में, बढ़ सकती है संख्या

top-news
ग्रेटर नोएडा के अल्फा-2 सेक्टर में कई वर्षों बाद आरडब्ल्यूए चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। अध्यक्ष पद के लिए छह दावेदार सामने आए हैं और संख्या करीब 10 तक पहुंचने की संभावना है। चुनावी गतिविधियों के साथ विकास, ठेली-पटरी और कथित वसूली के मुद्दे भी चर्चा में हैं।

ग्रेटर नोएडा के अल्फा-2 सेक्टर में कई वर्षों के बाद आरडब्ल्यूए चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव की घोषणा के साथ ही सेक्टर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अलग-अलग ब्लॉकों से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों ने जनसंपर्क शुरू कर दिया है। कई लोगों ने बैनर और पोस्टर लगाकर अपनी दावेदारी भी सामने रख दी है। फिलहाल अध्यक्ष पद के लिए छह दावेदारों के नाम सामने आ चुके हैं, जबकि नामांकन प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ यह संख्या करीब 10 तक पहुंचने की चर्चा है। अन्य सेक्टरों के मुकाबले अल्फा-2 में अध्यक्ष पद के लिए दिखाई दे रही दावेदारी ने चुनाव को खासा दिलचस्प बना दिया है।


अध्यक्ष पद के लिए बढ़ रही दावेदारों की संख्या

आरडब्ल्यूए चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे अधिकांश संभावित उम्मीदवार अपनी-अपनी टीम और पैनल बनाने में जुटे हैं। सेक्टर के अलग-अलग हिस्सों में लोगों से मुलाकात कर समर्थन जुटाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ माहौल और गर्म होने की संभावना है। कुछ दावेदारों ने प्रचार के लिए बैनर और पोस्टर भी लगवा दिए हैं।

हालांकि, चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे कुछ चेहरों को लेकर सेक्टर के भीतर ही चर्चा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कुछ संभावित उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्हें सेक्टर में रहने वाले सभी लोग अच्छी तरह से नहीं जानते। उनके आसपास रहने वाले कुछ लोगों को भी उनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। इसके बावजूद ये दावेदार सेक्टर की समस्याओं को दूर करने और विकास कार्यों को बेहतर बनाने के वादों के साथ मैदान में उतर रहे हैं।


ठेली-पटरी और कथित वसूली का मुद्दा भी चर्चा में

अल्फा-2 में चुनावी चर्चाओं के बीच ठेली-पटरी वालों की संख्या और उससे जुड़े कथित वसूली के मुद्दे की भी चर्चा हो रही है। कुछ स्थानीय निवासियों का कहना है कि अन्य सेक्टरों की तुलना में यहां ठेली-पटरी वालों की संख्या अधिक है और इससे कथित तौर पर वसूली का बड़ा दायरा बनता है। कुछ लोगों को आशंका है कि चुनाव लड़ने में रुचि रखने वाले कुछ चेहरों के पीछे ऐसे संभावित आर्थिक हित भी हो सकते हैं।

हालांकि, इस तरह की आशंकाओं को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में चुनाव के दौरान यह मुद्दा कितना प्रभावी रहता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल सेक्टर में चुनावी गतिविधियों के साथ आरोप-प्रत्यारोप और चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है।


पुराने काम और सक्रियता के आधार पर समर्थन की तैयारी

स्थानीय निवासियों का कहना है कि आरडब्ल्यूए का चुनाव केवल वादों के आधार पर नहीं होना चाहिए। सेक्टर में लंबे समय से रहने वाले लोगों के काम, सामाजिक सक्रियता और समस्याओं के समाधान के लिए किए गए प्रयासों को भी देखा जाना चाहिए। लोगों की प्राथमिकता ऐसी मजबूत आरडब्ल्यूए बनाने की है, जो सफाई, सुरक्षा, सड़क, पार्क, अतिक्रमण और अन्य स्थानीय समस्याओं पर प्रभावी तरीके से काम कर सके।

अध्यक्ष पद पर लगातार नए नाम सामने आने से अल्फा-2 में चुनावी मुकाबला रोचक होता जा रहा है। आने वाले दिनों में नामांकन के बाद उम्मीदवारों की वास्तविक तस्वीर साफ होगी। इसके साथ ही यह भी तय होगा कि कौन किस पैनल के साथ मैदान में उतरता है और सेक्टर के मतदाताओं का भरोसा हासिल करने में कौन सफल रहता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *