नोएडा में बैंक प्रबंधक पर कंपनी के खाते से 1.04 करोड़ हड़पने का आरोप, छह खातों में ट्रांसफर की रकम
- Shiv Kumar
- 08 Sep, 2026
नोएडा के फेज-वन थाना क्षेत्र में एक बैंक प्रबंधक पर कंपनी के खाते से धोखाधड़ी कर एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम हड़पने का आरोप लगा है। सेक्टर-2 स्थित हरित रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सौरभ राणा की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने बैंक प्रबंधक नरेंद्र कुमार और उसके पांच परिचितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि नरेंद्र कुमार ने कंपनी के निदेशकों का विश्वास हासिल करने के बाद बैंकिंग और लेखा संबंधी काम में मदद करने के नाम पर कंपनी के खातों से रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराई। कंपनी की ओर से अप्रैल 2026 में कराई गई आंतरिक जांच में कुल करीब 1.04 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बैंकिंग काम में मदद के नाम पर कंपनी से जुड़ा था आरोपी
कंपनी निदेशक सौरभ राणा ने कोर्ट में दाखिल याचिका में बताया कि करीब 2014 में नरेंद्र कुमार ने खुद को इंडियन बैंक में बैंक प्रबंधक बताते हुए कंपनी का दौरा किया था। उसने कंपनी का बैंक खाता खुलवाने और बैंकिंग संबंधी काम में सहायता करने की बात कही। इसके बाद उसकी कंपनी के अन्य निदेशकों से भी पहचान हो गई और कंपनी का बैंक खाता बैंक में खुल गया। निदेशकों को आरटीजीएस और दूसरे बैंकिंग लेनदेन के लिए शाखा में जाना पड़ता था। आरोप है कि चार-पांच साल के दौरान नरेंद्र कुमार ने कंपनी के लोगों का इतना विश्वास हासिल कर लिया कि उसे केवल हस्ताक्षर किए हुए चेक भी सौंपे जाने लगे।
विश्वास का फायदा उठाकर अलग-अलग खातों में रकम भेजने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, नरेंद्र कुमार ने बाद में कंपनी के लेखा संबंधी काम में मदद करने का भरोसा दिलाया। इसके बदले वह अपनी पत्नी के खाते में वेतन भी लेने लगा। आरोप है कि इसी दौरान उसने अपने पद और कंपनी के लोगों के भरोसे का दुरुपयोग करते हुए कंपनी के बैंक खातों से रकम अपने निजी खाते के अलावा पांच अन्य लोगों के खातों में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। इन लोगों में लोकेंद्र कुमार, रेनू अग्रवाल, मीनाक्षी श्योराण, संजय चौहान और राहुल कुमार के नाम शामिल हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन लेनदेन को छिपाने के लिए भी काफी प्रयास किए गए, जिसके कारण लंबे समय तक कंपनी को इसकी जानकारी नहीं हो सकी।
आंतरिक जांच में सामने आया 1.04 करोड़ रुपये का लेनदेन
कंपनी ने अप्रैल 2026 में अपने स्तर पर आंतरिक जांच कराई तो संदिग्ध लेनदेन सामने आए। जांच के मुताबिक नरेंद्र कुमार के खाते में 61 लाख 41 हजार 484 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इसके अलावा रेनू अग्रवाल के खाते में 10 लाख, मीनाक्षी श्योराण के खाते में 3 लाख, संजय चौहान के खाते में 8 लाख, लोकेंद्र कुमार के खाते में 5 लाख 10 हजार और राहुल कुमार के खाते में 16 लाख 50 हजार रुपये भेजे गए। इन सभी रकम को जोड़ने पर कुल 1 करोड़ 4 लाख 1 हजार 484 रुपये होते हैं। कंपनी निदेशक ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोर्ट का रुख किया, जिसके बाद फेज-वन थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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