हिंडन डूब क्षेत्र में बिजली चोरी पर पहला केस दर्ज, 3 जेई समेत 23 नामजद, अवैध कनेक्शन से करोड़ों की वसूली का आरोप
- Shiv Kumar
- 16 Sep, 2026
नोएडा में हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में चल रहे कथित अवैध बिजली कनेक्शन और बिजली चोरी के नेटवर्क के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज की गई है। सेक्टर-63 बिजली सबस्टेशन के जेई अनुज कुमार की शिकायत पर सेक्टर-63 थाने में शनिवार रात मुकदमा दर्ज किया गया। एफआईआर में बिजली निगम के तीन जेई, एक टीजी-2, छह लाइनमैन और 13 अन्य लोगों समेत कुल 23 लोगों को नामजद किया गया है। आरोप है कि बिजली निगम के कुछ कर्मचारियों और अन्य लोगों की मिलीभगत से डूब क्षेत्र में अवैध कनेक्शन दिए जा रहे थे और लोगों से बिजली के नाम पर वसूली की जा रही थी। मामले की शुरुआती जांच में छिजारसी कॉलोनी से लेकर चोटपुर और पर्थला तक इस तरह के नेटवर्क की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस अब नामजद आरोपियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क में उनकी कथित संलिप्तता की जांच कर रही है।
छिजारसी से पर्थला तक अवैध कनेक्शन का नेटवर्क
एफआईआर के मुताबिक, हिंडन डूब क्षेत्र के छिजारसी कॉलोनी, छिजारसी, चोटपुर, पर्थला और आसपास के इलाकों में अवैध बिजली कनेक्शन देने और बिजली की लाइन चलाने का नेटवर्क संचालित होने की जानकारी मिली थी। आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए लोगों को अवैध तरीके से बिजली उपलब्ध कराई जा रही थी। शुरुआती जांच और अन्य स्रोतों से सामने आए नामों के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। अब जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि नामजद लोगों की इस पूरे मामले में क्या भूमिका थी और कथित तौर पर अवैध कनेक्शन देने का काम किस स्तर तक फैला हुआ था। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है।
हर महीने करोड़ों रुपये की वसूली का आरोप
मामले में दर्ज शिकायत के अनुसार, कथित अवैध कनेक्शन का मामला केवल बिजली चोरी और बिजली निगम को होने वाले राजस्व नुकसान तक सीमित नहीं था। आरोप है कि इससे विद्युत व्यवस्था, सरकारी संपत्ति और विभागीय कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी असर पड़ रहा था। एफआईआर में डूब क्षेत्र में अवैध कनेक्शन के जरिए हर महीने करोड़ों रुपये की वसूली किए जाने का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि इस क्षेत्र में करीब 70 हजार परिवार रहते हैं। हालांकि, वसूली की वास्तविक रकम और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे, इसका पता पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
लखनऊ शिकायत के बाद सामने आया मामला
डूब क्षेत्र में अवैध बिजली कनेक्शन को लेकर लखनऊ स्थित मुख्यालय में शिकायत की गई थी। इसके बाद स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, उत्तर प्रदेश की ओर से मामले की गोपनीय जांच किए जाने की बात सामने आई। जांच के दौरान छिजारसी के डूब क्षेत्र में करीब 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शन होने की जानकारी सामने आने का दावा किया गया। इसी जांच के बाद अब बिजली चोरी और अवैध कनेक्शन के मामले में पहली एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस और बिजली निगम की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कथित अवैध कनेक्शनों के लिए बिजली लाइन और कनेक्शन उपलब्ध कराने में किन लोगों की भूमिका थी और इससे विभाग को कितना आर्थिक नुकसान हुआ।
एफआईआर में जेई, लाइनमैन और अन्य लोग नामजद
एफआईआर में टीजी-2 चित्रांश गुप्ता के अलावा जेई शशि भूषण, राजीव शर्मा और नितिन अरोड़ा को नामजद किया गया है। लाइनमैन आरिफ, घनश्याम, सर्वेश, अजीत, बबी शर्मा और देवेंद्र कुमार के नाम भी मुकदमे में शामिल हैं। इनके अलावा मनोज उपाध्याय, नुरूल हसन, कैलाश यादव, मुन्नी नूरानी, बब्बन सिंह, हंसमुख, बन्नी यादव, बिजेंद्र यादव, शिवकुमार, सोनू यादव, राहुल यादव और सूरज कुमार समेत अन्य लोगों के नाम दर्ज हैं। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय विद्युत अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका तय करने में जुटी है।
625 से ज्यादा लोगों को मिल चुके वैध कनेक्शन
एक तरफ डूब क्षेत्र में अवैध कनेक्शन के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है, वहीं दूसरी ओर विद्युत निगम की ओर से वैध बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया भी चल रही है। अब तक 625 से ज्यादा उपभोक्ताओं को वैध कनेक्शन दिए जा चुके हैं। बुधवार को भी क्षेत्र में शिविर लगाकर कनेक्शन देने की तैयारी है। बिजली निगम के वाणिज्यिक अधीक्षण अभियंता उमेश कुमार यादव के मुताबिक, उच्चाधिकारियों के मौखिक आदेश के बाद वैध कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। ऐसे में अब जांच का एक अहम हिस्सा यह भी होगा कि वैध कनेक्शन की प्रक्रिया और अवैध कनेक्शन के नेटवर्क के बीच कहीं कोई संबंध तो नहीं था।
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