नोएडा में PF अधिकारी बनकर बुजुर्ग से 10 लाख की ठगी, जीवन प्रमाणपत्र जमा कराने के नाम पर बनाया शिकार

top-news
नोएडा के सेक्टर-75 में साइबर ठगों ने खुद को पीएफ अधिकारी बताकर बुजुर्ग से जीवन प्रमाणपत्र ऑनलाइन जमा कराने के नाम पर 10 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाने ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और 1930 पर शिकायत की गई है।

नोएडा के सेक्टर-75 स्थित गोल्फ सिटी में रहने वाले एक बुजुर्ग साइबर ठगी का शिकार हो गए। साइबर ठगों ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य कार्यालय के पीएफ विभाग का अधिकारी बताकर उन्हें फोन किया और जीवन प्रमाणपत्र ऑनलाइन जमा कराने के नाम पर अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों के बताए तरीके का पालन करने के बाद बुजुर्ग के बैंक खाते से करीब 10 लाख रुपये निकल गए। खाते से रकम निकलने के मैसेज आने के बाद उन्हें ठगी का पता चला। पीड़ित ने तुरंत बैंक से संपर्क कर खाते पर डेबिट फ्रीज कराने और इंटरनेट बैंकिंग व डेबिट कार्ड बंद करने का अनुरोध किया। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाने की पुलिस ने सोमवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


फोन कर खुद को बताया पीएफ विभाग का अधिकारी

शिकायतकर्ता अनिल कुमार जैन ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य कार्यालय में पीएफ विभाग का अधिकारी बताया। उसने अनिल कुमार से कहा कि जीवन प्रमाणपत्र ऑनलाइन जमा करना जरूरी है। इसके बाद आरोपी ने प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया के बारे में उन्हें जानकारी दी और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई करने को कहा। अनिल कुमार ने फोन करने वाले पर भरोसा कर लिया और उसके बताए निर्देशों का पालन किया। कुछ समय बाद जब उन्होंने अपना मोबाइल देखा तो बैंक खाते से रकम निकलने के कई संदेश मिले। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने इनमें से कोई लेनदेन खुद नहीं किया था।


खाते से निकल गए 10 लाख रुपये

बैंक खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद अनिल कुमार घबरा गए। जांच करने पर पता चला कि उनके खाते से कुल 10 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं। ठगी का पता चलते ही उन्होंने बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क किया और खाते को सुरक्षित कराने की प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने बैंक से डेबिट फ्रीज कराने के साथ इंटरनेट बैंकिंग और डेबिट कार्ड बंद करने का अनुरोध किया। इसके साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने और ठगी गई रकम वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस अब बैंक लेनदेन और फोन नंबर समेत उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।


पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

साइबर थाने की पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि बुजुर्ग को फोन करने वाले आरोपी कौन थे और रकम किन खातों में भेजी गई। बैंक लेनदेन की जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के फोन पर बैंकिंग या पेंशन संबंधी निर्देशों का पालन न करें। जीवन प्रमाणपत्र जमा कराने के नाम पर ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, कार्ड संबंधी विवरण या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।


ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत

पुलिस ने कहा है कि साइबर ठगी का पता चलते ही बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। इसके साथ संबंधित बैंक को तत्काल सूचना देकर खाते और डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं को सुरक्षित कराने की कोशिश करनी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने में मदद मिल सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी या बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाले किसी भी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना कोई जानकारी या भुगतान न करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *