ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का धरना खत्म, 5 अक्टूबर को लखनऊ में शासन के अधिकारियों के साथ होगी वार्ता

top-news
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसान संघर्ष मोर्चा का धरना किसानों की सहमति के बाद समाप्त हो गया। 10 प्रतिशत प्लॉट, आबादी का पूर्ण निस्तारण और नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू करने की मांग पर 5 अक्टूबर को लखनऊ में शासन के अधिकारियों के साथ वार्ता होगी।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर किसान संघर्ष मोर्चा की ओर से चल रहा धरना अब समाप्त हो गया है। किसानों ने तीन प्रमुख मांगों को लेकर यहां आंदोलन शुरू किया था। किसान नेताओं सुखबीर खलीफा और रुपेश वर्मा ने किसानों की सहमति के बाद धरना समाप्त करने का ऐलान किया। अब इन मांगों को लेकर 5 अक्टूबर को लखनऊ में शासन के अधिकारियों के साथ किसानों की बैठक होगी। किसानों की प्रमुख मांगों में 10 प्रतिशत आबादी का प्लॉट, आबादी से जुड़े मामलों का पूर्ण निस्तारण और नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू करना शामिल है। किसान नेताओं का कहना है कि अब आगे की बातचीत लखनऊ में होगी और वहां शासन के अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखी जाएंगी।


तीन मांगों को लेकर लखनऊ में होगी बैठक

किसान संघर्ष मोर्चा के मुताबिक, 5 अक्टूबर को लखनऊ में संगठन के पदाधिकारियों और शासन के अधिकारियों के बीच बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में किसानों की तीन प्रमुख मांगों पर चर्चा होगी। इनमें 10 प्रतिशत का प्लॉट देने, आबादी से जुड़े मामलों का पूरी तरह निस्तारण करने और नए भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करने की मांग शामिल है। किसानों का कहना है कि इन मुद्दों का समाधान उनके लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण है। अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर धरना समाप्त करने के बाद किसान अपनी मांगों को शासन स्तर पर उठाएंगे। बैठक में होने वाली बातचीत के आधार पर आंदोलन की आगे की दिशा तय की जाएगी।


डीएम और अधिकारियों के साथ बैठक के बाद फैसला

धरना समाप्त करने का निर्णय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया। किसान नेताओं ने बताया कि जिलाधिकारी मेधा रूपम, पुलिस कमिश्नर और तीनों प्राधिकरणों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसके बाद किसानों के बीच सहमति बनी कि फिलहाल प्राधिकरण पर चल रहा धरना समाप्त कर दिया जाए और शासन स्तर पर वार्ता की जाए। बैठक में किसानों की मांगों को लखनऊ में अधिकारियों के सामने रखने का फैसला लिया गया। किसान नेताओं ने आंदोलन को आगे बढ़ाने के बजाय पहले बातचीत के जरिए समाधान निकालने की दिशा में कदम बढ़ाया है।


मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर होगा प्राधिकरणों का घेराव

किसान नेता सुखबीर खलीफा ने कहा कि किसानों की मांगों पर समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आगे फिर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि शासन स्तर पर होने वाली बातचीत के बाद भी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो तीनों प्राधिकरणों का घेराव किया जाएगा। फिलहाल किसानों ने लखनऊ में होने वाली बैठक का इंतजार करने का निर्णय लिया है। धरना समाप्त होने के बाद आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें खत्म नहीं हुई हैं, बल्कि अब इन्हें शासन के सामने रखा जाएगा। 5 अक्टूबर की बैठक के बाद किसानों के अगले कदम पर फैसला होगा।


सर्वसम्मति से धरना खत्म करने का ऐलान

किसान संघर्ष मोर्चा के नेताओं के मुताबिक, धरना समाप्त करने का फैसला किसानों की सर्वसम्मति से लिया गया। सुखबीर खलीफा और रुपेश वर्मा ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। किसानों का कहना है कि आंदोलन के दौरान उठाई गई मांगों को अब लखनऊ में शासन के अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। अगर वार्ता में मांगों पर ठोस समाधान निकलता है तो आगे आंदोलन की जरूरत नहीं होगी। वहीं, मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में किसान फिर से आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *