नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नई फ्लाइट्स शुरू: 11 शहरों के लिए सीधी उड़ान, किराया और शेड्यूल की पूरी जानकारी
- Shiv Kumar
- 30 Sep, 2026
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से 2026 में घरेलू उड़ानों का नेटवर्क तेजी से बढ़ा है। एयरपोर्ट पर 15 जून 2026 से कमर्शियल फ्लाइट ऑपरेशन शुरू हुआ था और शुरुआती चरण में इंडिगो ने लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद, अमृतसर और जम्मू जैसे शहरों को जोड़ा। इसके बाद जुलाई में कई नए शहरों के लिए उड़ानें शुरू हुईं, जिससे यात्रियों को नोएडा एयरपोर्ट से सीधे सफर के और विकल्प मिले। जिस 11 शहरों की नई कनेक्टिविटी की चर्चा जुलाई में हुई थी, उसके बाद एयरपोर्ट का नेटवर्क और भी बढ़ गया है। एयरपोर्ट की मौजूदा आधिकारिक डेस्टिनेशन सूची में अमृतसर, बेंगलुरु, बरेली, भोपाल, धर्मशाला, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, जोधपुर, किशनगढ़, लखनऊ, मुंबई, पंतनगर और श्रीनगर शामिल हैं। एयरलाइंस और तारीख के हिसाब से रूट और उड़ानों का शेड्यूल बदल सकता है। इसलिए टिकट बुक करने से पहले संबंधित एयरलाइन की ताजा जानकारी देखना जरूरी है। फिलहाल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंडिगो और अकासा एयर की सेवाएं उपलब्ध हैं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नई उड़ान सेवा क्या है
जेवर एयरपोर्ट से नई उड़ान सेवाओं का विस्तार यात्रियों के लिए सीधे कनेक्शन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। जुलाई 2026 में इंडिगो ने बरेली, भोपाल, देहरादून, धर्मशाला, चंडीगढ़, जयपुर, जोधपुर, लखनऊ, पंतनगर और किशनगढ़ समेत कई शहरों के लिए सेवाएं जोड़ी थीं। इसके बाद एयरपोर्ट के नेटवर्क में मुंबई और श्रीनगर जैसे शहर भी दिखाई दे रहे हैं। इसका मतलब है कि 11 शहरों वाली शुरुआती खबर अब मौजूदा नेटवर्क की पूरी तस्वीर नहीं बताती। यात्रियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि किसी खास तारीख पर कौन सी फ्लाइट चल रही है, यह एयरलाइन और दिन के हिसाब से बदल सकता है। इसलिए बुकिंग से पहले ताजा शेड्यूल जरूर देखें।
कौन-कौन सी एयरलाइंस ने शुरू की सेवाएं
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फिलहाल इंडिगो और अकासा एयर की उड़ान सेवाएं चल रही हैं। इंडिगो ने 15 जून को एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल उड़ान शुरू की थी और शुरुआती सेवा लखनऊ से नोएडा पहुंची थी, जबकि पहली रवाना होने वाली फ्लाइट बेंगलुरु के लिए थी। अकासा एयर ने 16 जून से अपनी सेवाएं शुरू कीं। उसकी शुरुआती सेवाओं में नोएडा-बेंगलुरु और नोएडा-नवी मुंबई के रूट शामिल थे। एयरपोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर भी फिलहाल इन दोनों एयरलाइंस को सूचीबद्ध किया गया है। आने वाले समय में एयरलाइन नेटवर्क बढ़ सकता है, इसलिए किसी भी यात्रा की योजना बनाते समय संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप पर उपलब्ध सीट और शेड्यूल देखना बेहतर रहेगा।
कितनी फ्लाइट्स रोजाना उड़ान भरेंगी
जेवर एयरपोर्ट से रोज कितनी फ्लाइट चलेंगी, यह एक तय संख्या नहीं है। अलग-अलग रूट पर उड़ानों की संख्या सप्ताह के दिन, एयरलाइन और मांग के हिसाब से बदल सकती है। इंडिगो के घोषित शेड्यूल में कई रूट पर रोजाना उड़ानों का संचालन रखा गया था, जबकि बरेली और जोधपुर जैसे कुछ रूट सप्ताह के चुनिंदा दिनों में चलाए गए। किशनगढ़ के लिए भी मंगलवार, गुरुवार और शनिवार का शेड्यूल दिया गया था। इसलिए यात्रियों को केवल रोजाना उड़ान की संख्या के बजाय अपने रूट की तारीख और फ्लाइट नंबर देखना चाहिए। एयरपोर्ट की वेबसाइट भी साफ करती है कि रूट और टाइमिंग बदल सकते हैं और बुकिंग से पहले एयरलाइन से पुष्टि करनी चाहिए।
किन 11 शहरों के लिए शुरू हुई सीधी फ्लाइट
जुलाई 2026 में नोएडा एयरपोर्ट से 11 शहरों की कनेक्टिविटी बढ़ने की खबर सामने आई थी। उस विस्तार में बरेली, भोपाल, देहरादून, धर्मशाला, चंडीगढ़, जयपुर, जोधपुर, लखनऊ, पंतनगर और किशनगढ़ जैसे शहर शामिल थे, जबकि शुरुआती नेटवर्क में जुड़े शहरों के साथ कनेक्टिविटी और मजबूत हुई। हालांकि सितंबर 2026 तक एयरपोर्ट का नेटवर्क 11 शहरों तक सीमित नहीं है। आधिकारिक डेस्टिनेशन सूची में 14 शहर दिखाई दे रहे हैं, जबकि अन्य शेड्यूल स्रोतों में एयरलाइन के आधार पर इससे ज्यादा कनेक्शन भी दर्ज हैं। इसलिए 11 शहरों को जुलाई के नए विस्तार के संदर्भ में समझना सही होगा, न कि मौजूदा एयरपोर्ट नेटवर्क की अंतिम सूची के रूप में।
पूरी रूट लिस्ट और शहरों के नाम
मौजूदा आधिकारिक डेस्टिनेशन सूची के अनुसार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अमृतसर, बेंगलुरु, बरेली, भोपाल, धर्मशाला, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, जोधपुर, किशनगढ़, लखनऊ, मुंबई, पंतनगर और श्रीनगर के लिए कनेक्टिविटी उपलब्ध है। इसके अलावा एयरलाइन शेड्यूल में अलग-अलग समय पर चंडीगढ़ और दूसरे शहरों की सेवाएं भी दिखाई गई हैं। अकासा एयर की शुरुआती सेवाओं में बेंगलुरु और नवी मुंबई शामिल थे। यात्रियों को ध्यान रखना चाहिए कि डेस्टिनेशन सूची और किसी खास दिन चलने वाली नॉन-स्टॉप फ्लाइट एक ही चीज नहीं हैं। किसी रूट पर सेवा उपलब्ध होने के बावजूद रोज उड़ान जरूरी नहीं है। इसलिए यात्रा की तारीख डालकर उपलब्ध फ्लाइट की पुष्टि करना जरूरी है।
नई फ्लाइट्स से किसे मिलेगा फायदा
नई उड़ानों का सबसे सीधा फायदा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को मिलेगा, जिन्हें कई शहरों की यात्रा के लिए दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट तक जाना पड़ता था। जेवर एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ा है, जिससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों से सड़क मार्ग से पहुंचना आसान है। एयरपोर्ट के बढ़ते घरेलू नेटवर्क से कारोबारी यात्रियों, छात्रों, पर्यटकों और परिवार के साथ सफर करने वालों को विकल्प मिल सकते हैं। छोटे और मध्यम शहरों के बीच सीधी कनेक्टिविटी बढ़ने से कई यात्राओं में दिल्ली बदलने या लंबा सड़क सफर करने की जरूरत भी कम हो सकती है। हालांकि किस यात्री को कितना समय बचेगा, यह उसके शुरुआती स्थान और रूट पर निर्भर करेगा।
टिकट किराया और बुकिंग की जानकारी
जेवर एयरपोर्ट से टिकट का किराया किसी एक तय दर पर नहीं है। कीमत एयरलाइन, यात्रा की तारीख, सीट उपलब्धता, बुकिंग का समय और चुने गए फेयर विकल्प के अनुसार बदलती है। शुरुआती परिचालन के समय नोएडा-बेंगलुरु और नवी मुंबई जैसे रूट पर अलग-अलग तारीखों के लिए अलग किराये देखे गए थे। मौजूदा समय में भी कुछ घरेलू रूट पर शुरुआती किराये करीब कुछ हजार रुपये से शुरू हो सकते हैं, लेकिन यह राशि बुकिंग के समय बदल सकती है। उदाहरण के लिए, सितंबर 2026 में नोएडा-जयपुर रूट पर ऑनलाइन उपलब्ध एकतरफा किराया करीब ₹2,899 से दिखा था। इसे स्थायी किराया नहीं माना जाना चाहिए।
अनुमानित किराया रेंज
जेवर से घरेलू उड़ानों का किराया रूट के हिसाब से काफी अलग हो सकता है। छोटे रूट जैसे जयपुर के लिए सितंबर में करीब ₹2,899 से शुरुआती किराया दिखा, जबकि बेंगलुरु जैसे लंबे रूट पर किराया इससे काफी ज्यादा हो सकता है। जून में शुरुआती सेवाओं के दौरान नोएडा-बेंगलुरु का किराया करीब ₹8,532 से और नवी मुंबई का करीब ₹6,506 से दिखाया गया था। ये उदाहरण अलग-अलग तारीखों के हैं और आज के लिए निश्चित किराया नहीं हैं। इसलिए सामान्य तौर पर यात्रियों को घरेलू उड़ान के लिए कुछ हजार रुपये से लेकर 10 हजार रुपये से ज्यादा तक का बजट रखना पड़ सकता है। अंतिम रकम टिकट बुक करते समय ही स्पष्ट होगी।
ऑनलाइन टिकट कैसे बुक करें
टिकट बुक करने के लिए सबसे पहले एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप खोलें। प्रस्थान वाले शहर में Noida या DXN और गंतव्य शहर का नाम डालें। यात्रा की तारीख चुनने के बाद उपलब्ध नॉन-स्टॉप और कनेक्टिंग फ्लाइट की जानकारी देखें। समय, बैगेज नियम और किराये की तुलना करने के बाद अपनी पसंद की फ्लाइट चुनें। यात्री का नाम और अन्य विवरण पहचान दस्तावेज के अनुसार भरना जरूरी है। भुगतान पूरा होने के बाद ई-टिकट और पीएनआर नंबर सुरक्षित रखें। इंडिगो ने भी अपनी उड़ानों के लिए आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप और अधिकृत ट्रैवल पार्टनर्स के जरिए बुकिंग की सुविधा बताई है। बुकिंग से पहले कैंसिलेशन और डेट-चेंज नियम भी पढ़ लेना चाहिए।
एयरपोर्ट तक पहुंचने के साधन
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए फिलहाल टैक्सी, ऐप आधारित कैब, सरकारी बस, निजी वाहन और दूसरी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। एयरपोर्ट की आधिकारिक जानकारी के अनुसार UPSRTC की बसें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों से जुड़ी हैं। DTC की इलेक्ट्रिक बसें प्रमुख अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों से उपलब्ध हैं, जबकि हरियाणा और उत्तराखंड रोडवेज की भी सेवाएं हैं। नोएडा शहर और प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट से शटल सेवा भी उपलब्ध है। मेट्रो कनेक्टिविटी भविष्य की योजनाओं का हिस्सा है, लेकिन मौजूदा समय में एयरपोर्ट तक सीधे मेट्रो से पहुंचने की सुविधा उपलब्ध मानना सही नहीं होगा।
मेट्रो, टैक्सी और बस कनेक्टिविटी
मौजूदा समय में यात्रियों के लिए टैक्सी और बस सबसे व्यावहारिक सार्वजनिक परिवहन विकल्प हैं। एयरपोर्ट पर अधिकृत टैक्सी के साथ ऐप आधारित कैब सेवाएं भी उपलब्ध हैं। एयरपोर्ट की आधिकारिक जानकारी में Ola, Uber, Rapido और MakeMyTrip जैसे ऐप आधारित विकल्पों का उल्लेख है। बस नेटवर्क में UPSRTC के अलावा DTC, हरियाणा रोडवेज और उत्तराखंड परिवहन निगम की सेवाएं शामिल हैं। नोएडा से एयरपोर्ट तक सिटी शटल की सुविधा भी दी गई है। मेट्रो और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को भविष्य में और मजबूत करने की योजना है। इसलिए अभी यात्रा करने वालों को अपनी फ्लाइट के समय से पर्याप्त पहले सड़क मार्ग की व्यवस्था करनी चाहिए और बस या कैब का ताजा शेड्यूल पहले देख लेना चाहिए।
पार्किंग सुविधा
अपने निजी वाहन से एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। एयरपोर्ट की आधिकारिक पार्किंग जानकारी के अनुसार निजी वाहनों के लिए शुरुआती 120 मिनट का शुल्क ₹150 है और इसके बाद हर अतिरिक्त 60 मिनट के लिए ₹100 का शुल्क है। पूरे दिन की पार्किंग के लिए निजी वाहन का शुल्क ₹600 बताया गया है। व्यावसायिक वाहनों के लिए शुरुआती 120 मिनट का शुल्क ₹200 और पूरे दिन की पार्किंग ₹700 है। यात्रियों को टर्मिनल के सामने पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ लेन का इस्तेमाल करते समय पांच मिनट से ज्यादा रुकने से बचना चाहिए। ज्यादा समय रुकने पर निर्धारित पार्किंग क्षेत्र का इस्तेमाल करना जरूरी है।
नोएडा और NCR के लिए इस सेवा का महत्व
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बढ़ती घरेलू उड़ानें दिल्ली-NCR में हवाई यात्रा के विकल्पों को बढ़ा रही हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए एयरपोर्ट का रणनीतिक स्थान खास महत्व रखता है, क्योंकि यह यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ा है। एयरपोर्ट की पहली चरण की यात्री क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों सालाना तक रखी गई है। नए रूट बढ़ने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के शहरों से एयर कनेक्टिविटी मजबूत हो सकती है। इससे पर्यटन, कारोबार और क्षेत्रीय आवाजाही को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि एयरपोर्ट का नेटवर्क अभी विस्तार के दौर में है और उड़ानों के रूट, समय और किराये में बदलाव हो सकते हैं। इसलिए यात्रियों को हर यात्रा से पहले ताजा शेड्यूल की जांच करनी चाहिए।
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