नोएडा की वोटर लिस्ट को लेकर सपा का सवाल, 10-15 हजार और संदिग्ध नाम मिलने का दावा, पात्र मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप

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नोएडा विधानसभा-61 की मतदाता सूची को लेकर सपा ने डुप्लीकेट, संदिग्ध प्रविष्टियों और पात्र मतदाताओं के नाम हटने का आरोप लगाया है। पार्टी ने निर्वाचन विभाग से शिकायतों की स्वतंत्र जांच, EPIC नंबरों के सत्यापन और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग की है।

नोएडा। नोएडा विधानसभा-61 की मतदाता सूची में डुप्लीकेट और संदिग्ध प्रविष्टियों के साथ पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी ने निर्वाचन विभाग से जांच की मांग की है। सेक्टर-22 में आयोजित प्रेस वार्ता में सपा नोएडा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने कहा कि पार्टी ने 3 जून को करीब 25 हजार डुप्लीकेट और संदिग्ध मतदाताओं से जुड़े दस्तावेज निर्वाचन अधिकारियों को सौंपे थे। उनका दावा है कि दोबारा परीक्षण के दौरान 10 से 15 हजार और ऐसी प्रविष्टियां सामने आई हैं। सपा नेताओं का कहना है कि करीब चार महीने बीत जाने के बावजूद पहले सौंपे गए दस्तावेजों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर से शिकायतों की स्वतंत्र जांच कराने और जांच के बाद कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।


अलग-अलग EPIC नंबर पर एक ही नाम होने का दावा
डॉ. आश्रय गुप्ता ने कहा कि संगठन की ओर से मतदाता सूची की जांच के दौरान ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें एक ही व्यक्ति के नाम से अलग-अलग EPIC नंबर पर एक से ज्यादा मतदाता प्रविष्टियां दिखाई दे रही हैं। उन्होंने हेमंत कीड़ों और प्रदीप कुमार शर्मा कौशल के नाम का उदाहरण देते हुए इन प्रविष्टियों के सत्यापन की मांग की। सपा का कहना है कि ऐसे मामलों की जांच केवल सूची में दर्ज जानकारी के आधार पर नहीं, बल्कि मूल दस्तावेजों के आधार पर होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। पार्टी नेताओं ने कहा कि उनकी शिकायत का उद्देश्य किसी वास्तविक मतदाता का नाम हटवाना नहीं है। उनका कहना है कि वे मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं। सपा ने निर्वाचन विभाग से कहा है कि जिन नामों और EPIC नंबरों को लेकर शिकायत की गई है, उनकी उचित प्रक्रिया के तहत जांच कर स्थिति स्पष्ट की जाए।


बीएलए और पुराने मतदाताओं के नाम हटने का भी आरोप
सपा विधानसभा अध्यक्ष बबलू चौहान और महानगर उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी गौरव कुमार यादव ने भी मतदाता सूची को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से निर्वाचन अधिकारियों को बीएलए की सूची उपलब्ध कराए जाने के बावजूद कुछ बीएलए के नाम और लंबे समय से क्षेत्र में रह रहे मतदाताओं के नाम भी सूची से हटे हुए मिले हैं। सपा नेताओं ने इसके उदाहरण के तौर पर सेक्टर-63 के कुलभूषण शर्मा, सोरखा के सुभाष वर्मा, सर्फाबाद के सतपाल यादव और मोहम्मद इमरान समेत अन्य लोगों के नामों का उल्लेख किया। पार्टी का कहना है कि इन मामलों की भी जांच जरूरी है, ताकि यह पता चल सके कि संबंधित नाम मतदाता सूची से किस आधार पर हटे। सपा नेताओं ने मांग की कि शिकायत किए गए नामों और EPIC नंबरों की बूथ स्तर से लेकर निर्वाचन अधिकारी स्तर तक जांच कराई जाए और जो मतदाता पात्र हैं, उनके नाम सुरक्षित रखे जाएं।


निर्वाचन विभाग की वेबसाइट पर SIR-2026 की सूची उपलब्ध
गौतमबुद्ध नगर जिला निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर विधानसभा-61 नोएडा के लिए SIR-2026 के तहत “नो मैपिंग और तार्किक विसंगति” वाले मतदाताओं की सूची उपलब्ध है। वेबसाइट पर नोएडा के अलग-अलग मतदान केंद्रों के अनुसार इन प्रविष्टियों से जुड़ी जानकारी दी गई है। सपा की ओर से उठाए गए सवालों के बीच पार्टी ने निर्वाचन विभाग से शिकायतों की स्वतंत्र जांच कराने और कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग दोहराई है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, जिन मतदाताओं के नाम, EPIC नंबर या प्रविष्टियों को लेकर आपत्ति है, उनका सत्यापन बूथ स्तर से लेकर निर्वाचन अधिकारी स्तर तक कराया जाना चाहिए। साथ ही पात्र मतदाताओं के नाम सूची में सुरक्षित रखने की मांग की गई है। सपा ने पहले सौंपे गए दस्तावेजों और दोबारा परीक्षण में सामने आने का दावा की गई प्रविष्टियों की भी जांच कराने को कहा है, ताकि मतदाता सूची को लेकर उठाए गए सवालों पर स्थिति स्पष्ट हो सके।

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