निक्की हत्याकांड में पति विपिन को हाईकोर्ट से जमानत, ससुराल में जलाकर मारने का था आरोप
- Shiv Kumar
- 13 Oct, 2026
नोएडा। निक्की हत्याकांड में मुख्य आरोपी पति विपिन को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। आरोपी के वकील अमित भाटी बोड़ाकी ने बताया कि हाईकोर्ट ने 6 अक्टूबर को जमानत मंजूर की थी, जबकि इसका आदेश सोमवार को प्राप्त हुआ। इस मामले में सह आरोपी रोहित, सतवीर और दया को भी पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। निक्की की बड़ी बहन कंचन की शिकायत पर कासना थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में ससुराल पक्ष के लोगों पर निक्की को जलाकर मारने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में विपिन को मुख्य आरोपी बनाया गया था। जमानत मिलने के बाद अब मामले का ट्रायल सेशन कोर्ट में जारी रहेगा।
कंचन की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा
वकील अमित भाटी बोड़ाकी के मुताबिक, थाना कासना में मुकदमा संख्या 194/2025 दर्ज किया गया था। इसमें निक्की की बड़ी बहन कंचन ने शिकायत देकर अपनी बहन को जलाकर मारने का आरोप उसके ससुराल पक्ष के लोगों पर लगाया था। मामले में निक्की के पति विपिन को मुख्य आरोपी बनाया गया, जबकि रोहित, सतवीर और दया को सह आरोपी बनाया गया। इस प्रकरण में पहले सह आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। अब मुख्य आरोपी विपिन को भी जमानत मिलने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, जमानत मिलने से किसी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप समाप्त नहीं होते और न ही इसे दोषमुक्ति माना जाता है।
सेशन कोर्ट में चल रहा है मामले का ट्रायल
अमित भाटी बोड़ाकी ने बताया कि निक्की हत्याकांड का ट्रायल सेशन कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि सभी आरोपी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर बरी होंगे। यह उनके वकील का पक्ष है, जबकि मामले में अंतिम निर्णय अदालत को साक्ष्यों और गवाहों के परीक्षण के बाद करना है। फिलहाल विपिन को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद ट्रायल कोर्ट में सुनवाई और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अदालत में मुकदमे की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर मामले के तथ्यों पर फैसला होगा।
जमानत का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं
हाईकोर्ट से विपिन को जमानत मिलने के बाद निक्की हत्याकांड में आगे की न्यायिक प्रक्रिया सेशन कोर्ट में जारी रहेगी। जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपी को आरोपों से बरी कर दिया गया है। मामले में दोष तय करने या आरोपों से मुक्त करने का अंतिम फैसला ट्रायल के बाद अदालत करेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विपिन को 6 अक्टूबर को जमानत मंजूर हुई थी और आदेश सोमवार को प्राप्त हुआ। मामले में सह आरोपी रोहित, सतवीर और दया को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
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