ग्रेटर नोएडा में 6 साल के बच्चे के अपहरण का खुलासा, दो महिलाओं समेत 7 गिरफ्तार, मुठभेड़ में तीन को लगी गोली

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ग्रेटर नोएडा के कासना क्षेत्र में छह साल के बच्चे के अपहरण और उसे बेचने की साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। मुठभेड़ में तीन आरोपियों को गोली लगी। दो महिलाओं समेत सात लोग गिरफ्तार हुए और बच्चा सकुशल बरामद किया गया। नकदी, हथियार और वाहन भी मिले।

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में छह साल के बच्चे का अपहरण कर उसे बेचने की कोशिश कर रहे गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो महिलाओं समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया और अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। मुठभेड़ में तीन आरोपियों के पैर में गोली लगी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बच्चे को दिल्ली की एक महिला को बेचने की तैयारी में थे। बच्चे की बिक्री के लिए 4.50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, जिसमें से दो लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके थे। आरोपियों के पास से दो लाख रुपये से अधिक की नकदी, तीन अवैध तमंचे, कारतूस, एक कार और वारदात में इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर बाइक बरामद हुई है। घटना शनिवार शाम करीब चार बजे कासना थाना क्षेत्र में हुई।


पुलिस चेकिंग के दौरान कार सवारों ने की फायरिंग

डीसीपी श्रवण कुमार सिंह के अनुसार, कासना थाना क्षेत्र में डाढ़ा गोलचक्कर के पास पुलिस टीम वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक कार को रोकने का प्रयास किया गया तो उसमें सवार लोग भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो कार पेड़ से टकरा गई। इसके बाद आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में गुरमीत सिंह, सुमित कुमार और अंकित कुमार के पैर में गोली लगी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर विकास और धर्मपाल सिंह के बेटे नकुल को भी डाढ़ा गोलचक्कर गांव से पकड़ा गया। इसके बाद मिली जानकारी के आधार पर बच्चे को बेचने की तैयारी कर रही पुष्पा और कमलेश को कासना गांव से गिरफ्तार किया गया। दोनों महिलाओं के कब्जे से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।


13 अक्टूबर को कांशीराम अस्पताल के सामने से किया था अपहरण

पुलिस के मुताबिक, बच्चे को 13 अक्टूबर की शाम कांशीराम अस्पताल के सामने से अगवा किया गया था। वारदात में बाइक का इस्तेमाल किया गया। पूछताछ में अंकित ने बताया कि उसने नकुल के साथ मिलकर बच्चे का अपहरण किया था। इसके बाद गुरमीत, सुमित और विकास बच्चे को कार से गाजियाबाद ले गए। पुलिस के अनुसार, सुमित की मामी पुष्पा ने बच्चे को बेचने की बात कही थी। उसने बताया था कि दिल्ली में रहने वाली कमलेश बच्चे को खरीदने के लिए पैसे देगी। इसके बाद आरोपियों ने बच्चे को बेचने की योजना बनाई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में आरोपियों की भूमिका क्या थी और क्या गिरोह किसी अन्य वारदात में भी शामिल रहा है।


4.50 लाख रुपये में तय हुआ था सौदा, नकदी और हथियार बरामद

पुलिस पूछताछ के मुताबिक, बच्चे को बेचने के लिए 4.50 लाख रुपये में सौदा तय किया गया था। इसमें से दो लाख रुपये आरोपियों को मिल चुके थे, जबकि बाकी ढाई लाख रुपये बाद में दिए जाने थे। पुलिस ने गुरमीत, अंकित और सुमित के हिस्से से 1.50 लाख रुपये, विकास और नकुल से 20-20 हजार रुपये और पुष्पा से 32,800 रुपये बरामद किए हैं। इसके अलावा तीन अवैध तमंचे, तीन खोखा कारतूस और तीन जिंदा कारतूस भी मिले हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार और अपहरण के लिए इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर बाइक को भी जब्त किया है। मामले में कासना थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस के अनुसार, बुलंदशहर के सिकंदराबाद थाने में भी गुरमीत, अंकित और सुमित के खिलाफ BNS और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है।

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