नोएडा के मोमनाथल गांव का पुराना रास्ता बचाने की मांग तेज, प्राधिकरण और भूटानी ग्रुप पर कब्जे की कोशिश का आरोप

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नोएडा के सेक्टर-150 स्थित मोमनाथल गांव में पुराने रास्ते को बचाने के लिए ग्रामीणों ने कैंडल मार्च निकाला। ग्रामीणों ने सीएम योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई और प्राधिकरण व भूटानी ग्रुप पर रास्ते पर कब्जे के प्रयास का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।

नोएडा के सेक्टर-150 स्थित मोमनाथल गांव में पुराने रास्ते को बचाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कैंडल मार्च निकाला। ग्रामीणों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गांव के पुराने रास्ते को सुरक्षित रखने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता गांव के लिए महत्वपूर्ण है और इसे बचाने के लिए वे लगातार अपनी आवाज उठाएंगे। इस दौरान ग्रामीणों ने रास्ते पर कब्जे की आशंका जताते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। उनका आरोप है कि प्राधिकरण और भूटानी ग्रुप की मिलीभगत से रास्ते पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने और गांव के पुराने रास्ते को बचाने की मांग की है।


पुराने रास्ते को बचाने के लिए ग्रामीणों ने उठाई आवाज

मोमनाथल गांव के लोगों ने कैंडल मार्च के जरिए अपने पुराने रास्ते को बचाने की मांग को प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के रास्ते पर किसी भी तरह का कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप करने की अपील की है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के पुराने रास्ते को सुरक्षित रखना जरूरी है और इसके लिए वे अपना विरोध जारी रखेंगे। कैंडल मार्च के माध्यम से ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित पक्षों तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया। हालांकि, रास्ते को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्राधिकरण और भूटानी ग्रुप का पक्ष उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।


कब्जे की कोशिश का आरोप, आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नोएडा के सेक्टर-150 स्थित मोमनाथल गांव के पुराने रास्ते पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में उन्होंने प्राधिकरण और भूटानी ग्रुप पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे गांव के रास्ते पर कब्जा नहीं होने देंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन करेंगे। कैंडल मार्च के जरिए ग्रामीणों ने सरकार से रास्ते को बचाने की अपील करते हुए अपनी मांग दोहराई। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामले में प्राधिकरण या भूटानी ग्रुप की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ग्रामीणों की मांग है कि गांव के पुराने रास्ते को सुरक्षित रखा जाए और उनकी समस्या का समाधान किया जाए।

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