नोएडा में ई-बसों की संख्या 50 से बढ़ाकर 100 करने की तैयारी, यात्रियों के लिए बनेंगे 94 बस स्टैंड

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नोएडा प्राधिकरण चार रूटों पर 78 नए बस स्टैंड बनाने और 16 पुराने स्टैंड की मरम्मत की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित स्टैंड पर सीटें, रूट की जानकारी और एलईडी स्क्रीन होंगी। शहर में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या भी 50 से बढ़ाकर 100 करने की योजना है।

नोएडा। शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण चार अलग-अलग रूटों पर 78 नए बस स्टैंड बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही 16 पुराने बस स्टैंड की मरम्मत भी कराई जाएगी। प्राधिकरण ने इसके लिए रूटवार सूची तैयार की है, जिसमें सेक्टरों, मेट्रो स्टेशनों, अस्पतालों, बाजारों और गांवों के आसपास बस स्टैंड बनाने की जरूरत चिह्नित की गई है। शहर में फिलहाल 50 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं, जिनकी संख्या बढ़ाकर 100 करने की योजना है। ऐसे में बस स्टैंड की संख्या और सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रस्ताव के मुताबिक, नए बस स्टैंड पर यात्रियों के बैठने के लिए सीटें, बसों के रूट की जानकारी और एलईडी स्क्रीन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। चारों रूटों पर नए बस स्टैंड बनने और पुराने स्टैंड की मरम्मत होने से यात्रियों को बस का इंतजार करने और रूट की जानकारी हासिल करने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।


रूट नंबर-1: सेक्टर-137 मेट्रो स्टेशन से पर्थला तक बनेंगे 23 स्टैंड

रूट नंबर-1 पर 23 नए बस स्टैंड बनाने और एक पुराने स्टैंड की मरम्मत का प्रस्ताव है। इस रूट में सेक्टर-137 मेट्रो स्टेशन, पंचशील बालक इंटर कॉलेज, सेक्टर-91 की पार्श्वनाथ सोसाइटी, सेक्टर-98 का शॉपर स्टॉप, सेक्टर-44 स्थित महामाया बालिका इंटर कॉलेज, बॉटेनिकल गार्डन, सेक्टर-38 का गोल्फ कोर्स और सेक्टर-32 सिटी सेंटर जैसे स्थान शामिल हैं। इसके अलावा सेक्टर-51 के होशियारपुर, सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-70 स्थित गांव बसई और सेक्टर-121 के पर्थला में भी बस स्टैंड बनाने की जरूरत बताई गई है। इन स्थानों को रूट में शामिल करने का उद्देश्य प्रमुख आवासीय क्षेत्रों, सार्वजनिक परिवहन केंद्रों और आसपास के गांवों तक बस सुविधा की पहुंच बेहतर करना है। इस रूट पर नए बस स्टैंड बनने से यात्रियों को निर्धारित स्थानों से बस पकड़ने की सुविधा मिल सकेगी।


रूट नंबर-2 और 3 पर 42 नए बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव

रूट नंबर-2 पर 19 नए बस स्टैंड बनाए जाने हैं, जबकि नौ पुराने स्टैंड की मरम्मत प्रस्तावित है। इस रूट में अट्टा और सेक्टर-18 मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-16 का रजनीगंधा, सेक्टर-19 टेलीफोन एक्सचेंज, सेक्टर-12/22 क्रॉसिंग, स्टेडियम-चौड़ा मोड़ क्षेत्र और बॉटेनिकल गार्डन शामिल हैं। इसके अलावा सेक्टर-37, सेक्टर-126 स्थित लोटस वैली एक्सप्रेसवे, सेक्टर-93 एक्सप्रेसवे की पार्श्वनाथ सोसाइटी, सेक्टर-91 का पंचशील, सेक्टर-142 का एडवेंट, मोहियापुर और बदौली गांव में भी बस स्टैंड बनाने की योजना है। वहीं, रूट नंबर-3 पर सेक्टर-61 से बरौला और भंगेल तक 23 नए बस स्टैंड बनाए जाएंगे और तीन पुराने स्टैंड की मरम्मत होगी। इसमें सेक्टर-61 का साईं मंदिर, सेक्टर-59 का ममूरा, सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल और गोलचक्कर, सेक्टर-51 व 50 के मेट्रो स्टेशन, स्पेक्ट्रम मॉल, सिलिकॉन सिटी, सेक्टर-101 मेट्रो स्टेशन, बरौला, भंगेल, सेक्टर-82, नगला गांव और फेज-2 के क्षेत्र शामिल हैं।


रूट नंबर-4 पर 13 नए बस स्टैंड, कुल 16 पुराने स्टैंड की मरम्मत

रूट नंबर-4 पर 13 नए बस स्टैंड बनाने और तीन पुराने स्टैंड की मरम्मत का प्रस्ताव है। इस रूट में डी-ब्लॉक स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स बस शेल्टर, ककराला ख्वासपुर गांव, सेक्टर-81 का सैमसंग तिराहा, बरौला मोड़, सेक्टर-82 का केंद्रीय विहार, सेक्टर-39 जिला अस्पताल, अगाहपुर-लेबर चौक और छलेरा गांव शामिल हैं। प्राधिकरण की तैयार सूची के अनुसार, चारों रूटों पर कुल 78 नए बस स्टैंड बनाए जाने और 16 पुराने स्टैंड की मरम्मत का प्रस्ताव है। शहर में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 50 से बढ़ाकर 100 करने की योजना के साथ यह कदम सार्वजनिक परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। हालांकि, बस स्टैंड निर्माण और मरम्मत का काम कब शुरू होगा, इसकी समय-सीमा उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।

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