ग्रेटर नोएडा के रिहायशी सेक्टरों में अवैध पीजी पर कार्रवाई की मांग, भारतीय किसान यूनियन ने प्राधिकरण और पुलिस को सौंपा ज्ञापन

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ग्रेटर नोएडा के रिहायशी सेक्टरों में पीजी की जांच और कार्रवाई की मांग उठी है। भारतीय किसान यूनियन मंच ने प्राधिकरण और पुलिस को ज्ञापन सौंपकर अनुमति, अग्निशमन व्यवस्था, भवन सुरक्षा और छात्र-छात्राओं से कथित दुर्व्यवहार के मामलों की जांच कराने की मांग की है।

ग्रेटर नोएडा के अल्फा-1, अल्फा-2 समेत विभिन्न रिहायशी सेक्टरों में संचालित पीजी (पेइंग गेस्ट) की जांच और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी है। भारतीय किसान यूनियन मंच ने इस संबंध में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने आरोप लगाया कि कई पीजी में जरूरी अनुमति, अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। इससे स्थानीय निवासियों के साथ पीजी में रहने वाले छात्र-छात्राओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


रिहायशी सेक्टरों में पीजी की जांच कराने की मांग

भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनमिंदर भाटी ने कहा कि ग्रेटर नोएडा के कई रिहायशी सेक्टरों में बड़ी संख्या में पीजी संचालित हो रहे हैं। संगठन को शिकायतें मिली हैं कि कुछ पीजी में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने के लिए जरूरी प्राधिकरण की अनुमति नहीं ली गई है और अग्निशमन समेत अन्य सुरक्षा इंतजाम भी मानकों के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के कारण सेक्टरवासियों को असुविधा होती है। देर रात हंगामा, अवांछित गतिविधियों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। संगठन ने प्राधिकरण से अल्फा-1, अल्फा-2 सहित सभी रिहायशी सेक्टरों में पीजी का सर्वे कराकर उनकी वैधता की जांच करने की मांग की है।


खराब भोजन की शिकायत पर छात्र को बंधक बनाने का आरोप

भारतीय किसान यूनियन मंच के जिलाध्यक्ष अक्षय मुखिया ने 22 अक्टूबर 2026 को अल्फा-2 स्थित द कॉर्नर हाउस पीजी में हुई घटना का हवाला दिया। उनके मुताबिक, पीजी संचालक दीपक भड़ाना पर आरोप है कि खराब भोजन और गंदगी की शिकायत करने पर उन्होंने बिजनौर निवासी छात्र दिव्यांश शर्मा को बंधक बना लिया। संगठन का कहना है कि छात्र ने किसी तरह कार्यकर्ताओं को इसकी सूचना दी, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और नजदीकी पुलिस चौकी की मदद से छात्र को मुक्त कराया गया। इस मामले में छात्र की ओर से बीटा थाने में तहरीर दिए जाने की जानकारी भी दी गई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था की जांच पर जोर

संगठन ने कहा कि पीजी में रहने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन और बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए। पीजी संचालकों के दुर्व्यवहार, आर्थिक और मानसिक शोषण तथा छात्र-छात्राओं को कथित तौर पर अवैध रूप से रोकने जैसी शिकायतों की जांच की भी मांग की गई। भारतीय किसान यूनियन मंच ने प्राधिकरण से सभी पीजी में अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित निकास, भवन की उपयुक्तता और अन्य जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच कराने को कहा है। संगठन ने विद्यार्थियों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग भी रखी। ज्ञापन में कहा गया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले पीजी को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिल सके।


कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

भारतीय किसान यूनियन मंच ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के नाम ज्ञापन डीजीएम विजय रावल को सौंपा। इसके साथ ही पुलिस उपायुक्त को भी ज्ञापन देकर मामले से अवगत कराया गया। मास्टर मनमिंदर भाटी ने चेतावनी दी कि यदि प्राधिकरण की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन प्रभावित विद्यार्थियों को साथ लेकर प्राधिकरण के मुख्य कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेगा। इस दौरान सचिन भाटी, अजब सिंह भाटी, सोबी भाटी, आयुष शर्मा, डॉ. मोहसिन, विकास प्रधान, ओम प्रकाश, सोनू भाटी और अनिल सहजी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। संगठन ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।

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