नोएडा सेक्टर-94 में मॉल बनाने की तैयारी, NMRC ने मांगे आवेदन, 800 कारों की पार्किंग का इंतजाम

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नोएडा के सेक्टर-94 में ओखला बर्ड सेंक्चूरी मेट्रो स्टेशन के पास 44,151 वर्गमीटर जमीन पर मॉल और व्यावसायिक परिसर विकसित करने की योजना है। एनएमआरसी ने कंपनियों से आवेदन मांगे हैं। चयनित कंपनी को 800 कारों की पार्किंग बनानी होगी। परियोजना पीपीपी मॉडल पर पूरी होगी। आवेदन की अंतिम तारीख 6 नवंबर है।

नोएडा के सेक्टर-94 में ओखला बर्ड सेंक्चूरी मेट्रो स्टेशन के पास मॉल और अन्य व्यावसायिक सुविधाएं विकसित करने की योजना तैयार की गई है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) इसके लिए 44,151 वर्गमीटर जमीन पर व्यावसायिक परिसर बनवाएगा। परियोजना के लिए कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं। चयनित कंपनी को मॉल और अन्य व्यावसायिक सुविधाओं के विकास के साथ 800 कारों की पार्किंग भी तैयार करनी होगी। एनएमआरसी इस परियोजना के जरिए मेट्रो स्टेशन के आसपास व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहता है। इससे सेक्टर-94 और आसपास के इलाकों में खरीदारी और अन्य सुविधाओं के लिए नया विकल्प उपलब्ध हो सकता है। साथ ही, मेट्रो से आने-जाने वाले लोगों को अपनी कार खड़ी करने की सुविधा मिलने की उम्मीद है। परियोजना को लेकर इच्छुक कंपनियों के साथ बैठक और आवेदन की समयसीमा भी तय की गई है।


28 अक्टूबर को इच्छुक कंपनियों के साथ होगी बैठक

एनएमआरसी की ओर से 28 अक्टूबर को परियोजना में रुचि रखने वाली कंपनियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में व्यावसायिक परिसर के विकास से जुड़ी शर्तों, नियमों और अन्य जरूरी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। इच्छुक कंपनियों को आवेदन जमा करने के लिए 6 नवंबर तक का समय दिया गया है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित नियमों और शर्तों के आधार पर कंपनी का चयन किया जाएगा। चयनित कंपनी को तय मानकों के अनुसार जमीन पर मॉल और अन्य व्यावसायिक सुविधाएं विकसित करनी होंगी। इसके अलावा, परिसर में 800 कारों की पार्किंग तैयार करना भी परियोजना का हिस्सा होगा। कंपनी के चयन और आगे की प्रक्रिया के बाद निर्माण से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आएगी। फिलहाल एनएमआरसी कंपनियों की भागीदारी के जरिए इस परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।


पीपीपी मॉडल पर विकसित होगा व्यावसायिक परिसर

इस परियोजना को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके तहत एनएमआरसी जमीन उपलब्ध कराएगा, जबकि चयनित निजी कंपनी वहां मॉल और अन्य व्यावसायिक सुविधाओं का निर्माण करेगी। परियोजना के लिए 44,151 वर्गमीटर जमीन निर्धारित की गई है। निर्माण के संबंध में तय मानकों के अनुसार, जमीन के 40 प्रतिशत हिस्से पर ही सीधे निर्माण की अनुमति होगी। कंपनी को परिसर विकसित करते समय इन शर्तों का पालन करना होगा। पीपीपी मॉडल के जरिए सार्वजनिक क्षेत्र की जमीन पर निजी कंपनी की भागीदारी से व्यावसायिक विकास किया जाएगा। परियोजना की विस्तृत रूपरेखा, निर्माण की समयसीमा और अन्य शर्तें कंपनी के चयन तथा संबंधित समझौते के बाद स्पष्ट होंगी। इस योजना से मेट्रो स्टेशन के आसपास उपलब्ध जमीन का व्यावसायिक इस्तेमाल करने की तैयारी है।


मेट्रो यात्रियों को मिलेगी पार्किंग, एनएमआरसी की आय भी बढ़ेगी

प्रस्तावित परिसर में 800 कारों की पार्किंग बनाई जाएगी। इससे मेट्रो स्टेशन तक निजी वाहन से पहुंचने वाले यात्रियों को कार खड़ी करने की सुविधा मिल सकती है। मॉल और अन्य व्यावसायिक सुविधाएं विकसित होने के बाद सेक्टर-94 और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को खरीदारी के लिए एक नया विकल्प मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना से एनएमआरसी को भी राजस्व प्राप्त होगा। हालांकि, इससे कितनी कमाई होगी, यह कंपनी के चयन और उसके साथ तय होने वाली वित्तीय शर्तों पर निर्भर करेगा। अभी आय का अनुमान या परियोजना के पूरा होने की समयसीमा सामने नहीं आई है। एनएमआरसी की योजना मेट्रो स्टेशन के आसपास व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ाने के साथ जमीन का उपयोग करके राजस्व के नए अवसर तैयार करने की है। परियोजना के अगले चरणों में निर्माण और संचालन से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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