नोएडा के रजत विहार डुप्लेक्स में बदबूदार पानी की सप्लाई से लोग परेशान, प्राधिकरण से लगाई गुहार
- Shiv Kumar
- 26 Oct, 2026
नोएडा के सेक्टर-62 स्थित रजत विहार डुप्लेक्स में घरों तक पहुंच रहे बदबूदार पानी ने निवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से पानी में तेज दुर्गंध आ रही है, जिससे रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को चिंता है कि अगर पानी दूषित है, तो इसका इस्तेमाल करने से सेहत पर असर पड़ सकता है। निवासी अमित जालान के मुताबिक, पानी की स्थिति ऐसी हो गई है कि उसका इस्तेमाल करना भी मुश्किल महसूस हो रहा है। लोगों ने इस समस्या को लेकर नोएडा प्राधिकरण और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है। निवासियों का कहना है कि पानी पीने, खाना बनाने, बर्तन धोने और दूसरे घरेलू कामों के लिए जरूरी है। ऐसे में सप्लाई के पानी से दुर्गंध आने पर परिवारों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। फिलहाल पानी की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है, इसलिए उसके दूषित होने और उससे बीमारी फैलने की आशंका की पुष्टि नहीं हुई है।
पानी की दुर्गंध से रोजमर्रा के काम प्रभावित
रजत विहार डुप्लेक्स में रहने वाले अमित जालान ने बताया कि पिछले कई दिनों से घरों में बदबूदार पानी आ रहा है। उनके अनुसार, पानी से इतनी तेज दुर्गंध आती है कि उसे इस्तेमाल करने में परेशानी होती है। इससे सुबह बच्चों को स्कूल भेजने, ऑफिस जाने और घर के जरूरी काम निपटाने में दिक्कत आ रही है। घरों में पानी का इस्तेमाल खाना बनाने, बर्तन धोने, सफाई और अन्य कामों के लिए किया जाता है। ऐसे में सप्लाई के पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। निवासियों का सवाल है कि जब पानी से बदबू आ रही है, तो वे इसका इस्तेमाल कैसे करें। लोगों को यह भी चिंता है कि पानी की गुणवत्ता की जांच के बिना उसका उपयोग करना सुरक्षित है या नहीं। निवासियों ने संबंधित विभाग से जल्द समस्या की जांच कराकर साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
दूषित पानी से बीमारी का खतरा, जांच जरूरी
पानी में दुर्गंध आने का मतलब यह जरूरी नहीं कि वह बीमारी फैलाने वाले कीटाणुओं से दूषित हो, लेकिन इसकी अनदेखी भी नहीं की जानी चाहिए। पानी की गुणवत्ता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है। यदि पानी में हानिकारक सूक्ष्मजीव या रासायनिक प्रदूषक मौजूद हों, तो उसके इस्तेमाल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में जब तक पानी की गुणवत्ता स्पष्ट न हो, तब तक उसे पीने या खाना बनाने में इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है। जरूरत पड़ने पर सुरक्षित पैक्ड या किसी भरोसेमंद स्रोत का पानी इस्तेमाल किया जा सकता है। केवल पानी उबालने से हर तरह के रासायनिक प्रदूषक दूर नहीं होते। निवासियों की मांग है कि संबंधित विभाग पानी के नमूने लेकर जांच कराए और समस्या का कारण पता लगाए। जांच के आधार पर ही यह तय हो सकेगा कि पानी की सप्लाई में किस तरह की गड़बड़ी है और उसे कैसे दूर किया जाए।
नोएडा प्राधिकरण से शिकायत, समाधान का इंतजार
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, बदबूदार पानी की समस्या को लेकर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से शिकायत की गई है। इसके बावजूद लोगों की परेशानी बनी हुई है। निवासियों का कहना है कि साफ पानी उपलब्ध कराना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है और इस तरह की समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए। लोगों ने मांग की है कि पानी की सप्लाई व्यवस्था की जांच की जाए, जरूरत पड़ने पर पाइपलाइन और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं की पड़ताल हो तथा पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। फिलहाल प्राधिकरण की ओर से समस्या के कारण, जांच या समाधान को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। अब निवासियों को इंतजार है कि संबंधित अधिकारी शिकायत पर कार्रवाई कर कब तक राहत पहुंचाते हैं। पानी की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट और विभाग की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बदबू की वजह क्या है और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
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