नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक 27 अक्टूबर को, सिटी लॉजिस्टिक प्लान और स्पोर्ट्स सिटी लेआउट पर होगी चर्चा
- Shiv Kumar
- 26 Oct, 2026
नोएडा के इंडस्ट्रियल सेक्टरों में जाम की समस्या कम करने और भारी वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित करने के लिए सिटी लॉजिस्टिक प्लान-2026 लागू करने की तैयारी है। योजना का मसौदा तैयार हो चुका है और 27 अक्टूबर को होने वाली नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में इसे मंजूरी के लिए रखा जाएगा। प्रस्ताव के तहत इंडस्ट्रियल सेक्टरों में ट्रकों की पार्किंग के लिए जगह छोड़ने का प्रावधान किया जाएगा, ताकि सड़क किनारे भारी वाहनों के खड़े होने से यातायात प्रभावित न हो। योजना में शहर के ऐसे 12 स्थानों को भी शामिल किया गया है, जहां भारी वाहनों की आवाजाही के कारण जाम की समस्या सामने आती है। इनमें नोएडा एक्सप्रेसवे और दिल्ली को नोएडा समेत अन्य शहरों से जोड़ने वाली प्रमुख सड़कें शामिल हैं। प्राधिकरण की मंजूरी मिलने के बाद योजना को लागू करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में माल ढुलाई को व्यवस्थित करना और यातायात का दबाव कम करना है।
इंडस्ट्रियल सेक्टरों में ट्रकों की पार्किंग के लिए जगह छोड़ना होगा
सिटी लॉजिस्टिक प्लान-2026 के तहत औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रकों की पार्किंग की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। योजना के मुताबिक, इंडस्ट्रियल सेक्टरों में ऐसी जगह का प्रावधान करना होगा, जहां माल लेकर आने वाले ट्रक खड़े हो सकें। इससे सड़कों पर बेतरतीब ढंग से भारी वाहन खड़े होने की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है। नोएडा में औद्योगिक इकाइयों तक माल पहुंचाने और वहां से माल बाहर ले जाने के लिए बड़ी संख्या में ट्रकों की आवाजाही होती है। पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने पर इन वाहनों के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित होता है। प्रस्तावित योजना में शहर के 12 ऐसे स्थानों की पहचान भी की गई है, जहां भारी वाहनों के चलते जाम लगता है। इनमें एक्सप्रेसवे और दिल्ली से नोएडा तथा दूसरे शहरों को जोड़ने वाली सड़कें शामिल हैं। बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद योजना के क्रियान्वयन से जुड़े अगले कदम तय किए जाएंगे।
छोटे भूखंडों के नक्शे पास कराने की प्रक्रिया होगी आसान
नोएडा प्राधिकरण की 27 अक्टूबर को प्रस्तावित बोर्ड बैठक में मॉडल भवन विनियम-2020 को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसके तहत छोटे आवासीय और वाणिज्यिक भूखंडों के नक्शे पास कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने की तैयारी है। प्रस्ताव के मुताबिक, 500 वर्गमीटर तक के आवासीय और 200 वर्गमीटर तक के वाणिज्यिक भूखंडों के नक्शे पास कराने में सुविधा मिल सकती है। इससे इन श्रेणियों के भूखंड मालिकों को भवन निर्माण से जुड़ी स्वीकृति हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा इमारतों की ऊंचाई से संबंधित नियमों में बदलाव का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा। इन प्रस्तावों पर अंतिम फैसला प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में लिया जाएगा। मंजूरी मिलने की स्थिति में भवन नक्शों की स्वीकृति और निर्माण नियमों से जुड़ी प्रक्रिया में बदलाव का रास्ता साफ हो सकता है।
आपत्तियों के निस्तारण के बाद स्पोर्ट्स सिटी के प्रस्तावों पर फैसला
बोर्ड बैठक में स्पोर्ट्स सिटी से जुड़े सेक्टर-150, सेक्टर-152 और सेक्टर-78-79 के लेआउट में बदलाव के प्रस्ताव भी रखे जा सकते हैं। इन प्रस्तावों पर 250 से अधिक आपत्तियां मिली हैं। प्राधिकरण इन आपत्तियों को लेकर सुनवाई कर चुका है, लेकिन उनका निस्तारण अभी बाकी है। तय प्रक्रिया के अनुसार, बोर्ड बैठक से पहले जिन भूखंडों से संबंधित आपत्तियों का समाधान हो जाएगा, उन्हीं के लेआउट बदलाव से जुड़े प्रस्ताव मंजूरी के लिए रखे जाएंगे। जिन मामलों में आपत्तियां लंबित रहेंगी, उन पर उसी बैठक में फैसला होना तय नहीं है। ऐसे में स्पोर्ट्स सिटी से जुड़े सभी प्रस्तावों पर एक साथ निर्णय होने के बजाय आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति अहम रहेगी। बोर्ड बैठक में इन प्रस्तावों पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह आपत्तियों की स्थिति और प्राधिकरण की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
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