नोएडा अग्निकांड में बेटे की मौत पर पिता ने उठाए सवाल, ठेकेदार और कैफे संचालक की भूमिका की जांच की मांग
- Shiv Kumar
- 26 Oct, 2026
नोएडा के सेक्टर-126 थाना क्षेत्र के रायपुर गांव में हुए अग्निकांड में जान गंवाने वाले 24 वर्षीय साहिल शर्मा के पिता ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। गांव में पांच अस्थायी दुकानों में आग लगने से साहिल की मौत हो गई थी। अब उनके पिता दिलीप चंद ने पुलिस को शिकायत देकर हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच करने और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 25 अक्टूबर 2026 को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। साहिल एक कैफे में निर्माण, फिनिशिंग और बिजली फिटिंग का काम कर रहे थे। उनके पिता ने आशंका जताई है कि काम के दौरान सुरक्षा मानकों और अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने में लापरवाही हुई हो सकती है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
पांच अस्थायी दुकानों में लगी थी आग, साहिल की हुई थी मौत
रायपुर गांव में सेक्टर-126 थाना क्षेत्र के अंतर्गत पांच अस्थायी दुकानों में आग लगने की घटना हुई थी। आग की चपेट में आने से 24 वर्षीय साहिल शर्मा की जान चली गई। घटना के बाद अब मृतक के परिवार ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठाए हैं। साहिल कैफे में निर्माण, फिनिशिंग और बिजली फिटिंग का काम कर रहे थे। उनके पिता दिलीप चंद का कहना है कि हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जानी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि आग किन परिस्थितियों में लगी और उस समय सुरक्षा के क्या इंतजाम थे। आग लगने की घटना में एक युवक की मौत के बाद निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों और अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन की स्थिति भी जांच का विषय बन गई है। हालांकि, हादसे की वजह और संभावित लापरवाही को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
पिता ने ठेकेदार और कैफे संचालक की भूमिका की जांच मांगी
साहिल के पिता दिलीप चंद ने पुलिस को दी शिकायत में सुरक्षा मानकों और अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन में लापरवाही की आशंका जताई है। उन्होंने ठेकेदार, कैफे संचालक और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच करने की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। परिवार की मांग है कि जांच के दौरान यह देखा जाए कि कैफे में निर्माण, फिनिशिंग और बिजली फिटिंग का काम किस तरह किया जा रहा था और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी जांच के अधीन है। पुलिस को यह तय करना होगा कि घटना में किसी की लापरवाही या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की भूमिका थी या नहीं।
25 अक्टूबर को शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज, जांच शुरू
दिलीप चंद की ओर से 25 अक्टूबर 2026 को दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस हादसे की परिस्थितियों, सुरक्षा व्यवस्था और शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की जांच कर रही है। जांच के दौरान ठेकेदार, कैफे संचालक और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका भी देखी जा सकती है। फिलहाल शिकायत में जताई गई लापरवाही की आशंका को आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है। किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों का महत्व होगा। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आग लगने की घटना में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।
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