यमुना अथॉरिटी के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी, रीलखा गांव में प्रदर्शनकारियों ने दी बिल्डर का काम रोकने की चेतावनी

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ग्रेटर नोएडा के रीलखा गांव में किसानों का धरना सोमवार को 22वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने यमुना विकास प्राधिकरण पर समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने मांगें पूरी होने तक बिल्डर का काम रोकने और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

ग्रेटर नोएडा के रीलखा गांव में किसानों का धरना सोमवार शाम 3 बजे तक 22वें दिन भी जारी रहा। किसान अपनी मांगों को लेकर यमुना विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से नाराज हैं। उनका आरोप है कि प्राधिकरण उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है और अब तक समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक बिल्डर को निर्माण कार्य नहीं करने दिया जाएगा। धरने पर बैठे किसान सरजीत कसाना ने कहा कि 22 दिन बीतने के बाद भी प्राधिकरण का कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा है। किसानों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर लगातार धरना दे रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने प्राधिकरण से जल्द हस्तक्षेप कर समस्याओं का निपटारा करने की मांग की है।


22 दिन बाद भी अधिकारी के नहीं पहुंचने से किसानों में नाराजगी

किसान सरजीत कसाना के मुताबिक, धरना शुरू हुए 22 दिन हो चुके हैं, लेकिन यमुना विकास प्राधिकरण का कोई अधिकारी किसानों से बातचीत करने नहीं आया। इससे प्रदर्शन कर रहे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। किसानों का आरोप है कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा और समस्याओं का समाधान करने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए हैं। किसानों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं और चाहते हैं कि प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी बात सुनें। उनका कहना है कि बातचीत और समाधान की दिशा में पहल होने तक धरना जारी रहेगा। फिलहाल किसानों ने प्राधिकरण से जल्द कार्रवाई करने की मांग दोहराई है।


मांगें पूरी होने तक बिल्डर का काम रोकने की चेतावनी

धरने पर बैठे किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक बिल्डर को काम नहीं करने दिया जाएगा। किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन देने से बात नहीं बनेगी, बल्कि समस्याओं का ठोस समाधान जरूरी है। किसानों ने प्राधिकरण से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस रुख के चलते इलाके में बिल्डर के कामकाज को लेकर गतिरोध बना हुआ है। हालांकि, किसानों की मांगों पर प्राधिकरण की ओर से क्या जवाब दिया गया है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।


धरने में कई किसान रहे मौजूद

रीलखा गांव में जारी धरने के दौरान जयवीर कसाना, ऊधम सिंह, धर्मवीर कसाना, विजय कसाना, देवेंद्र सिंह, करतार सिंह, रामबीर सिंह, हेमराज कसाना, प्रताप खटाना, रोहित कसाना, राजीव कसाना, सोनू कसाना, सतपाल, करण सिंह, रवि कसाना और धर्मपाल कसाना समेत कई किसान मौजूद रहे। किसानों ने एक बार फिर दोहराया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, वे धरना समाप्त नहीं करेंगे और बिल्डर का काम भी नहीं चलने देंगे। अब आंदोलन को लेकर आगे की स्थिति प्राधिकरण की प्रतिक्रिया और किसानों की मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

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