फर्जी बैंक खाते की जानकारी भेजकर कंपनी से 8 लाख की ठगी, रकम मिलने से एनवी इंटरनेशनल ने किया इनकार

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क्रिएटिव क्लोथेक्स कंपनी के 8 लाख रुपये ईमेल के जरिए भेजे गए कथित फर्जी बैंक विवरण के आधार पर RTGS से ट्रांसफर हो गए। एनवी इंटरनेशनल ने रकम मिलने से इनकार किया। कंपनी की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

साइबर ठगों ने ईमेल के जरिए बैंक खाते का फर्जी विवरण भेजकर एक कंपनी को 8 लाख रुपये का चूना लगा दिया। क्रिएटिव क्लोथेक्स कंपनी की ओर से 19 अक्टूबर को RTGS के माध्यम से एनवी इंटरनेशनल के नाम पर 8 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। हालांकि, एनवी इंटरनेशनल ने रकम मिलने से इनकार कर दिया। इसके बाद ईमेल हैक कर बैंक खाते का विवरण बदलने की आशंका सामने आई। कंपनी ने मामले की शिकायत बैंक और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर की। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।


ईमेल के जरिए भेजा गया बैंक खाते का फर्जी विवरण

प्रारंभिक शिकायत के मुताबिक, क्रिएटिव क्लोथेक्स कंपनी को ईमेल के जरिए बैंक खाते से जुड़ा विवरण भेजा गया था। इसी जानकारी के आधार पर कंपनी ने 19 अक्टूबर को RTGS के माध्यम से 8 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम एनवी इंटरनेशनल के नाम पर भेजी गई थी। बाद में जब भुगतान की पुष्टि की गई तो एनवी इंटरनेशनल ने रकम मिलने से इनकार कर दिया। इसके बाद कंपनी को भुगतान प्रक्रिया में धोखाधड़ी की आशंका हुई। शक है कि किसी ने ईमेल तक अनधिकृत पहुंच बनाकर बैंक खाते का विवरण बदल दिया और कंपनी को गलत खाते में रकम भेजने के लिए प्रेरित किया। हालांकि, ईमेल किसने हैक किया और रकम किस खाते में पहुंची, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।


बैंक और साइबर अपराध पोर्टल पर की शिकायत

रकम ट्रांसफर होने के बाद कंपनी ने बैंक से संपर्क किया और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब ईमेल से जुड़े रिकॉर्ड, भुगतान के विवरण और बैंक खातों के लेनदेन की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि फर्जी बैंक विवरण किसने भेजा और रकम ट्रांसफर कराने में किन लोगों की भूमिका रही। पुलिस संबंधित खातों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है।


आरोपी की पहचान और रकम की रिकवरी की कोशिश

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कंपनी के ईमेल तक किसी बाहरी व्यक्ति की पहुंच कैसे बनी और बैंक खाते का विवरण बदले जाने की आशंका के पीछे कौन है। साथ ही, 8 लाख रुपये के लेनदेन की कड़ियों की जांच की जा रही है, ताकि रकम के वास्तविक प्राप्तकर्ता का पता लगाया जा सके। फिलहाल मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी या रकम की बरामदगी की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि ठगी को किस तरीके से अंजाम दिया गया और इसमें कौन-कौन शामिल था।

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