ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे अंडरपास की छत से गिरा प्लास्टर, रास्ते पर बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की आवाजाही रोकी गई
- Shiv Kumar
- 30 Oct, 2026
ग्रेटर नोएडा में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) के सामने घरबरा गांव के पास यमुना एक्सप्रेसवे अंडरपास की छत से सीमेंट और प्लास्टर के टुकड़े गिर रहे हैं। कई जगह प्लास्टर उखड़ने से लोहे के सरिये भी दिखाई देने लगे हैं। स्थिति सामने आने के बाद अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त हिस्से के नीचे वाहनों की आवाजाही रोक दी है। अंडरपास के सामने बैरिकेडिंग कर दी गई है, ताकि कोई वाहन या राहगीर गिरते मलबे की चपेट में न आए। सोशल मीडिया पर इस हिस्से का वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। अधिकारियों का कहना है कि अंडरपास के क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत कराई जाएगी। इस घटना ने यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता और उसके रखरखाव को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
अंडरपास के क्षतिग्रस्त हिस्से के सामने बैरिकेडिंग
घरबरा गांव के पास स्थित अंडरपास की छत पर कई जगह प्लास्टर उखड़ा हुआ है। कुछ हिस्सों से सीमेंट और प्लास्टर के टुकड़े नीचे गिर रहे हैं, जबकि कुछ स्थानों पर लोहे के सरिये बाहर दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण कर वहां सुरक्षा के इंतजाम किए। पत्थर और प्लास्टर गिरने वाली जगह पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। अंडरपास के सामने बैरिकेडिंग की गई है, जिससे वाहन उस हिस्से के नीचे से न गुजरें। अधिकारियों ने जल्द मरम्मत कराने की बात कही है। हालांकि, मरम्मत का काम कब शुरू होगा और इसे पूरा करने की समयसीमा क्या होगी, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
2012 में शुरू हुआ था यमुना एक्सप्रेसवे
करीब 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे का निर्माण जेपी ग्रुप ने कराया था। इसका उद्घाटन 9 अगस्त 2012 को हुआ था। करीब 13 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे को शुरू हुए लगभग 14 साल हो चुके हैं। एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की आवाजाही के साथ इसके पुलों, अंडरपास और अन्य ढांचों का नियमित रखरखाव भी जरूरी है। जेपी ग्रुप के दिवालिया होने के बाद एक्सप्रेसवे के रखरखाव की जिम्मेदारी सुरक्षा ग्रुप को सौंपी गई थी। अब घरबरा गांव के पास अंडरपास की छत से प्लास्टर और सीमेंट के टुकड़े गिरने की घटना के बाद रखरखाव की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
समाजसेवी ने निर्माण और रखरखाव की जांच मांगी
समाजसेवी और करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक प्रवीण भारतीय ने अंडरपास की स्थिति को लेकर संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है। उन्होंने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कराने के साथ निर्माण की गुणवत्ता और अब तक किए गए रखरखाव की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक इस्तेमाल वाले ऐसे ढांचों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे की आशंका को समय रहते रोका जा सके। फिलहाल अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त हिस्से के सामने बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही रोक दी है और जल्द मरम्मत कराने की बात कही है।
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