नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को बनाया निशाना, नोएडा एयरपोर्ट में भर्ती का झांसा देने वाली असम की युवती गिरफ्तार

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नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाली असम की युवती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी 250 से ज्यादा लोगों से 25 लाख रुपये से अधिक की रकम ऐंठ चुकी है।

नोएडा में एयरपोर्ट पर हेल्पर और इलेक्ट्रिशियन की नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाली असम की युवती को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सेक्टर-143 स्थित लॉजिक्स ब्लॉसम सोसाइटी में किराये पर रह रही थी। पुलिस ने उसके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अब तक 250 से ज्यादा लोगों से 25 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर चुकी है। वह सोशल मीडिया के जरिए नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अपने जाल में फंसाती थी। अलग-अलग कंपनियों के जॉब लेटर भेजकर भरोसा जीतने के बाद रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन ट्रेनिंग के नाम पर पैसे वसूलती थी। रकम खाते में आने के बाद वह लोगों से संपर्क तोड़ देती थी। पुलिस अब इस मामले में आरोपी के अन्य संभावित साथियों और बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है।


सेक्टर-143 की पॉश सोसाइटी से हुई गिरफ्तारी

थाना प्रभारी विजय सिंह राणा ने बताया कि आरोपी की पहचान असम के सोनितपुर जिले के तेजपुर गांव की रहने वाली ब्यूटी बोरबोरह उर्फ निशा के रूप में हुई है। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सेक्टर-143 स्थित लॉजिक्स ब्लॉसम सोसाइटी में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी इसी सोसाइटी में किराये के फ्लैट में रह रही थी। तलाशी के दौरान पुलिस को उसके पास से एक लैपटॉप और मोबाइल फोन मिला। पुलिस ने इन उपकरणों से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं। जांच एजेंसी अब इनकी मदद से ठगी के तरीके, पीड़ितों और पैसों के लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।


सोशल मीडिया पर प्लेसमेंट इंडिया के नाम से चलाती थी पेज

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी साइन एजुकेशन नाम से कंपनी चलाती थी। इसी के जरिए उसने सोशल मीडिया पर प्लेसमेंट इंडिया के नाम से पेज बनाया हुआ था। इस पेज के माध्यम से वह एयरपोर्ट पर हेल्पर और इलेक्ट्रिशियन समेत अलग-अलग पदों पर नौकरी दिलाने का दावा करती थी। नौकरी की तलाश कर रहे लोग जब उससे संपर्क करते थे, तो वह उन्हें अलग-अलग कंपनियों के जॉब लेटर भेजती थी। इन दस्तावेजों के जरिए वह लोगों को नौकरी मिलने का भरोसा दिलाती थी। इसके बाद रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन ट्रेनिंग के नाम पर पैसे जमा कराने के लिए कहती थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रत्येक व्यक्ति से 20 हजार से 40 हजार रुपये तक अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कराती थी।


पैसे मिलने के बाद तोड़ देती थी संपर्क, अन्य खातों की जांच जारी

पुलिस के मुताबिक, रकम खाते में आने के बाद आरोपी पीड़ितों से बातचीत बंद कर देती थी। इस तरह वह 250 से अधिक लोगों से 25 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुकी है। साइबर क्राइम थाना पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि ठगी की रकम किन खातों में भेजी गई और इस काम में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। पुलिस बरामद लैपटॉप और मोबाइल फोन की जांच के जरिए सोशल मीडिया पेज, जॉब लेटर और पीड़ितों से बातचीत से जुड़े रिकॉर्ड जुटा रही है। मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। 

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