नोएडा में कोहरे से निपटने के लिए प्राधिकरण ने शुरू की तैयारी, चरखा चौराहे पर 28 लाख रुपये होंगे खर्च
- Shiv Kumar
- 01 Nov, 2026
नोएडा में सर्दियों के दौरान घने कोहरे की वजह से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्राधिकरण ने तैयारी शुरू कर दी है। शहर के प्रमुख मार्गों और एक्सप्रेसवे से जुड़े इलाकों में यातायात सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इसके तहत सेक्टर-94 स्थित चरखा चौराहे का रिन्यूअल कराया जाएगा। यह चौराहा पहले से ही ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित है। यहां सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए प्राधिकरण ने टेंडर जारी कर दिए हैं। इस काम पर करीब 28 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा सेक्टर-125, 126 और 127 के प्रमुख मार्गों पर रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इनकी मदद से कोहरे और रात के समय वाहन चालकों को सड़क, मोड़ और चौराहों की जानकारी पहले से मिल सकेगी। प्राधिकरण और ट्रैफिक विभाग के अधिकारी संवेदनशील मार्गों पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के विकल्पों पर भी चर्चा करेंगे।
सेक्टर-94 का चरखा चौराहा पहले से ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित
सेक्टर-94 स्थित चरखा चौराहा नोएडा के व्यस्त यातायात स्थलों में शामिल है। यहां से बड़ी संख्या में वाहन नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और आसपास की लिंक सड़कों की ओर आते-जाते हैं। खासकर सुबह और शाम के पीक आवर्स में इस चौराहे पर वाहनों का दबाव अधिक रहता है। सर्दियों में घना कोहरा होने पर दृश्यता कम हो जाती है, जिससे वाहन चालकों को आगे की सड़क और आसपास की गतिविधियों का अंदाजा लगाने में परेशानी होती है। ऐसे में दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने इस चौराहे को सुरक्षित बनाने के लिए रिन्यूअल की योजना तैयार की है। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। परियोजना पर करीब 28 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस काम के जरिए चौराहे पर यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा से जुड़े जरूरी सुधार किए जाएंगे।
सेक्टर-125, 126 और 127 में लगेंगे रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड
प्राधिकरण की योजना के तहत सेक्टर-125, 126 और 127 के प्रमुख मार्गों पर भी रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इनका उद्देश्य कोहरे और रात के समय सड़क पर वाहन चालकों की दृश्यता और दिशा संबंधी जानकारी बेहतर करना है। सामान्य साइन बोर्ड घने कोहरे में दूर से स्पष्ट दिखाई नहीं देते। इसके उलट रिफ्लेक्टिव बोर्ड पर वाहन की हेडलाइट पड़ने से वे चमकते हैं और चालक उन्हें अपेक्षाकृत दूर से देख सकते हैं। इससे मोड़, चौराहे और सड़क की दिशा का अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी। चालक समय रहते वाहन की गति कम कर सकेंगे और अचानक ब्रेक लगाने जैसी स्थिति से बच सकते हैं। प्राधिकरण का मानना है कि इन बोर्डों से दुर्घटना संभावित स्थानों पर वाहन चालकों को पहले से सतर्क करने में मदद मिलेगी।
एक्सप्रेसवे और लिंक रोड पर लगातार रहता है वाहनों का दबाव
सेक्टर-94 और आसपास का क्षेत्र नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से जुड़ा महत्वपूर्ण यातायात कॉरिडोर है। यहां एक्सप्रेसवे और लिंक रोड के बीच दिनभर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। इस रूट पर किसी एक स्थान पर दुर्घटना होने से यातायात प्रभावित हो सकता है और जाम की स्थिति बन सकती है। घने कोहरे में यह जोखिम और बढ़ जाता है, क्योंकि वाहन चालकों को आगे चल रहे वाहनों और सड़क की स्थिति का पता देर से चलता है। इसी वजह से प्राधिकरण ब्लैक स्पॉट और संवेदनशील स्थानों पर सड़क सुरक्षा के इंतजाम मजबूत करने पर जोर दे रहा है। चौराहे के सुधार और रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड लगाने की योजना इसी तैयारी का हिस्सा है।
संवेदनशील मार्गों पर स्पीड लिमिट तय करने पर भी होगी चर्चा
कोहरे के दौरान तेज रफ्तार वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नोएडा प्राधिकरण और ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों के बीच समन्वय बैठक प्रस्तावित है। इसमें शहर की प्रमुख सड़कों और दुर्घटना संभावित मार्गों पर वाहनों की स्पीड लिमिट तय करने या मौजूदा गति सीमा की समीक्षा करने पर चर्चा होगी। अधिकारियों के अनुसार, सड़क सुरक्षा के लिए केवल साइन बोर्ड लगाना पर्याप्त नहीं है। कम दृश्यता के दौरान वाहनों की गति नियंत्रित रखना भी जरूरी है। इसके लिए सड़क की स्थिति, यातायात का दबाव और दुर्घटना संभावित स्थानों को ध्यान में रखकर व्यवस्था तैयार की जाएगी। बैठक में चर्चा के बाद इस संबंध में आगे का निर्णय लिया जाएगा।
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