मणिपुर के नोने में प्रतिद्वंद्वी उग्रवादी गुटों में मुठभेड़, तीन कैडर मारे गए
- Babli Ansari
- 04 Nov, 2026
इंफाल। मणिपुर के नोने जिले में बुधवार तड़के प्रतिद्वंद्वी नागा उग्रवादी गुटों के बीच हुई भीषण गोलीबारी ने एक बार फिर इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। अधिकारियों के मुताबिक, खोपुम क्षेत्र के ताओदाइजंग गांव में सुबह करीब चार बजे फायरिंग शुरू हुई और काफी देर तक रुक-रुककर गोलियां चलती रहीं। शुरुआती सूचना में कम से कम तीन उग्रवादियों के मारे जाने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों ने बाद में घटनास्थल से शव बरामद किए। कुछ रिपोर्टों में मृतकों की संख्या चार बताई गई है, लेकिन पुलिस और प्रशासन की ओर से इस आंकड़े की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद गांव में तनाव और दहशत का माहौल है।
ताओदाइजंग में सुबह से चली गोलीबारी
जानकारी के मुताबिक, मुठभेड़ ताओदाइजंग गांव में हुई, जिसे कुछ स्थानीय स्रोत बुआनरुआंग नाम से भी बताते हैं। यह इलाका नुंगबा थाना क्षेत्र में आता है और नागा बहुल माना जाता है। अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी अलग-अलग नागा संगठनों से जुड़े कैडरों के बीच हुई। संदेह है कि जेलीआंग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट के जेंचुई धड़े और उसके विरोधी गुट के लड़ाके आमने-सामने थे। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ के अलग-अलग धड़ों की संभावित भूमिका का भी जिक्र है। हालांकि, संघर्ष की असली वजह अभी साफ नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके में तलाशी और हालात का जायजा ले रही हैं।
मृतकों की संख्या पर अलग-अलग दावे
घटना को लेकर सामने आ रही सूचनाओं में मृतकों की संख्या को लेकर अंतर है। कई अधिकारियों और समाचार रिपोर्टों में तीन उग्रवादियों के मारे जाने की बात कही गई है, जबकि स्थानीय सूत्रों ने चार मौतों का दावा किया है। एक प्रारंभिक आकलन में तीन मृतकों को जेडयूएफ के जेंचुई धड़े से और एक को दूसरे गुट से जुड़ा बताया गया है। एक व्यक्ति के घायल होने की खबर भी सामने आई है, लेकिन घायलों की सही संख्या और उनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रशासन ने अभी तक किसी संगठन की संलिप्तता या मृतकों की पहचान पर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी जुटा रही है।
महिलाओं ने संभाला मोर्चा, शांति की अपील
गोलीबारी थमने के बाद स्थानीय लोग, खासकर महिलाओं का समूह, घटनास्थल की ओर पहुंचा और दोनों पक्षों से हिंसा रोकने की अपील की। अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीणों ने सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के जरिए कैडरों से फायरिंग बंद करने को कहा, ताकि गांव में और नुकसान न हो। अचानक हुई मुठभेड़ से आसपास के परिवारों में भय फैल गया और कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाए जाने की सूचना है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि संघर्ष किन परिस्थितियों में शुरू हुआ और क्या इसमें पहले से कोई विवाद चल रहा था। नोने में हालिया हिंसक घटनाओं के बीच यह वारदात स्थानीय शांति प्रयासों के लिए नई चुनौती बनकर सामने आई है।
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