वक्फ को लेकर जेडीयू में भूचाल, शुरू हुआ इस्तीफे का सिलसिला, इन नेताओं ने भी जताई नाराजगी

- Nownoida editor2
- 03 Apr, 2025
Noida: वक्फ संशोधन बिल 2024 को लेकर जेडीयू में लगातार कलह जारी
है. पूर्वी चंपारण से जेडीयू के वरिष्ठ नेता डॉ. कासिम अंसारी ने पार्टी के
प्राथमिक सदस्यता और अन्य जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है. इससे पहले भी कई
मुस्लिम नेताओं ने वक्फ संशोधन बिल पर पार्टी के रूख को लेकर नाराजगी व्यक्त की
है.
पार्टी के स्टैंड से मर्माहत
डॉ. कासिम अंसारी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के सीएम नीतीश
कुमार को अपना त्याग पत्र भेज दिया है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि हम जैसे लाखों
करोड़ों भारतीय मुसलमानों का अटुट विश्वास था कि आप विशुद्ध रूप से सेक्युलर
विचारधारा के ध्वजवाहक हैं. लेकिन अब यह यकीन टूट गया है. वक्फ संशोधन बिल 2024 को
लेकर जदयू के स्टैंड से हम जैसे लाखों करोड़ों समर्पित भारतीय मुसलमानों एवं
कार्यकर्ताओं को गहरा आघात लगा है. हम लोग लोकसभा में ललन सिंह ने जिस तेवर और
अंदाज से अपना वक्तव्य दिया और इस बिल का समर्थन किया उस से काफी मर्माहत हैं.
नीतीश को एहसास नहीं
उन्होंने आगे लिखा है कि वक्फ बिल हम भारतीय मुसलमानों के विरूद्ध है. हम किसी
भी सूरत में इसे स्वीकार नहीं कर सकते. यह बिल संविधान की कई मौलिक अधिकारों का
हनन करता है. इस बिल के माध्यम से भारतीय मुसलमानों को जलील व रुसवा किया जा रहा
है. साथ ही साथ यह बिल पसमांदा विरोधी भी है. जिसका एहसास न आपको है और न आपकी
पार्टी को है. मुझे अफसोस हो रहा है कि अपनी जिंदगी के कई वर्ष पार्टी को दिया.
कासिम अंसारी ने दिया इस्तीफा
उन्होंने लिखा है कि मैं पार्टी के प्राथमिक सदस्यता और अन्य जिम्मेदारियों से
स्वेच्छा से त्याग रहा हूं. कासिम अंसारी ढाका विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुके हैं.
चिकित्सा प्रकोष्ठ के पूर्वी चंपारण के सह जिला प्रवक्ता के पद पर थे. उन्होंने
इस्तीफे की एक कॉपी प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और एक कॉपी पूर्वी चंपारण जिला
अध्यक्ष मंजू देवी को भेजा है.
इन्होंने भी जताई नाराजगी
बता दें कि वक्फ बिल को लेकर जेडीयू के स्टैंड के बाद से पार्टी के मुस्लिम
नेता असहज महसूस कर रहे हैं. विधान पार्षद गुलाम गौस, खालिद अनवर, पूर्व
सांसद और राष्ट्रीय महासचिव गुलाम रसूल बलियावी, अल्पसंख्यक
मोर्चा अध्यक्ष सलीम परवेज, पूर्व सांसद अशफाक करीम और अशफाक
अहमद भी इसका विरोध कर रहे हैं. अब देखना है कि कासिम अंसारी के बाद ये लोग क्या
कदम उठाते हैं.
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