सोनम वांगचुक खत्म करेंगे अनशन! सरकार के सामने युवाओं को लेकर रखी शर्त

top-news
अनशन खत्म करने को तैयार सोनम वांगचुक, लेकिन सरकार के सामने रखी बड़ी शर्त

नई दिल्ली। शिक्षा सुधार और NEET पेपर लीक को लेकर जारी आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार को एक पत्र लिखकर अपने अनशन को समाप्त करने की इच्छा जताई है। हालांकि उन्होंने इसके लिए एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी है। वांगचुक ने कहा कि आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र या युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई आपराधिक या दंडात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले युवाओं को कानूनी मामलों में नहीं फंसाया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से भरोसा देने की अपील की है कि आंदोलन में शामिल छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।

युवाओं पर कार्रवाई रोकने की मांग

अपने पत्र में वांगचुक ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए भी है। उन्होंने लिखा कि यदि सरकार यह आश्वासन देती है कि प्रदर्शन में शामिल युवाओं के खिलाफ किसी प्रकार की प्रतिशोधात्मक या कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तो वह अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी है और उन्हें अपराधी की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। वांगचुक ने सरकार से संवाद और विश्वास का माहौल बनाने की अपील भी की है।

शिक्षा सुधार और संसद में चर्चा पर जोर

वांगचुक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि शिक्षा सुधार के मुद्दे पर ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद के मानसून सत्र में इस विषय पर गंभीर चर्चा होगी और सरकार छात्रों की चिंताओं को प्राथमिकता देगी। उनका मानना है कि बार-बार सामने आने वाले पेपर लीक जैसे मामलों को रोकने के लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था विकसित करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

अब सरकार के जवाब पर टिकी निगाहें

सोनम वांगचुक के इस पत्र के बाद अब सभी की नजरें केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर हैं। हाल के दिनों में छात्र आंदोलन, NEET विवाद और शिक्षा सुधार को लेकर देशभर में व्यापक चर्चा हुई है। यदि सरकार उनकी प्रमुख शर्त पर सकारात्मक रुख अपनाती है तो लंबे समय से चल रहा उनका अनशन समाप्त हो सकता है। फिलहाल सरकार की ओर से इस पत्र पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस घटनाक्रम को आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *