जन सुराज किसी के साथ नहीं जाएगी! ना सम्राट, ना तेजस्वी! प्रशांत किशोर ने खोले अपने पत्ते
बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद प्रशांत किशोर ने साफ कहा कि उनकी पार्टी जन सुराज न तो सम्राट चौधरी की भाजपा से समझौता करेगी और न ही तेजस्वी यादव की आरजेडी से। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो जन सुराज बंद कर देंगे, लेकिन सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे।
- Babli Ansari
- 04 Aug, 2026
बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज की जीत के बाद बिहार की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है। जीत के तुरंत बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या प्रशांत किशोर आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा या राष्ट्रीय जनता दल के साथ कोई राजनीतिक समझौता करेंगे। इन अटकलों पर खुद प्रशांत किशोर ने विराम लगा दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जन सुराज का किसी भी दल से गठबंधन नहीं होगा और अगर कभी समझौते की नौबत आई तो वह पार्टी बंद करना पसंद करेंगे, लेकिन अपने सिद्धांतों से पीछे नहीं हटेंगे।
सम्राट चौधरी और तेजस्वी यादव पर क्या बोले?
प्रशांत किशोर से जब पूछा गया कि यदि विकल्प केवल सम्राट चौधरी या तेजस्वी यादव में से किसी एक के साथ जाने का हो तो उनका फैसला क्या होगा, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि जन सुराज किसी भी राजनीतिक दल के साथ समझौता करने के लिए नहीं बनी है। उनका कहना था कि उनकी पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बिहार की जनता है और वही उनका एकमात्र राजनीतिक सहयोग है। उन्होंने दोहराया कि उनकी राजनीति सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के उद्देश्य से शुरू हुई है।
'जनता ही हमारी सबसे बड़ी सहयोगी'
प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज का उद्देश्य पारंपरिक गठबंधन की राजनीति नहीं है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है और उनकी पार्टी उसी भरोसे के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पार्टी अपने मूल उद्देश्य से भटक गई, तो उसका कोई मतलब नहीं रह जाएगा। इसलिए राजनीतिक लाभ के लिए किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बांकीपुर की जीत से बढ़ा जन सुराज का आत्मविश्वास
बांकीपुर उपचुनाव में मिली जीत को जन सुराज के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। इस जीत के बाद पार्टी का मनोबल बढ़ा है और प्रशांत किशोर इसे बिहार की जनता के भरोसे की जीत बता रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस नतीजे ने जन सुराज को राज्य की राजनीति में एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने की दिशा में नई ऊर्जा दी है।
अब विधानसभा चुनाव पर टिकी नजर
प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद गठबंधन की अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। अब सबकी नजर बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर है, जहां जन सुराज अकेले मैदान में उतरने का दावा कर रही है। आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि बांकीपुर की जीत पार्टी के लिए कितना बड़ा राजनीतिक आधार तैयार करती है और बिहार की चुनावी तस्वीर पर इसका क्या असर पड़ता है।
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