अरविंद केजरीवाल का Meta पर गंभीर आरोप, भारत में अकाउंट हुआ Restrict?

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अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि मेटा ने भारत में उनका इंस्टाग्राम अकाउंट बिना वजह प्रतिबंधित कर दिया। उन्होंने कंपनी से जवाब मांगा और मोदी सरकार पर दबाव डालने का आरोप लगाया।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया कंपनी Meta पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि भारत में उनके इंस्टाग्राम अकाउंट की पहुंच सीमित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जब भारतीय यूजर्स उनके अकाउंट को खोलने की कोशिश करते हैं तो वह उपलब्ध नहीं दिखता। केजरीवाल के मुताबिक उन्होंने इस बारे में Meta से कई बार स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन अब तक कंपनी की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह केवल उनके साथ नहीं हो रहा, बल्कि कई अन्य लोगों ने भी ऐसे प्रतिबंधों की शिकायत की है। उन्होंने ऐसे यूजर्स से संपर्क करने की अपील की, ताकि यह समझा जा सके कि यह तकनीकी समस्या है या किसी व्यापक कार्रवाई का हिस्सा। हालांकि, अभी तक Meta ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

केजरीवाल ने क्या लगाए आरोप?

केजरीवाल का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना या कारण बताए उनके अकाउंट की भारत में उपलब्धता सीमित कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि Meta जैसी बड़ी कंपनी को किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले उपयोगकर्ता को कारण बताना चाहिए। उनके मुताबिक कई ईमेल और संपर्क के प्रयासों के बावजूद उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि हाल के दिनों में उन्होंने जिन मुद्दों—जैसे एथेनॉल नीति और पेपर लीक—पर सवाल उठाए, उसके बाद यह कार्रवाई हुई। हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।

Meta की ओर से अभी क्या कहा गया है?

फिलहाल Meta ने केजरीवाल के आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। कंपनी की ओर से यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि यदि किसी प्रकार का प्रतिबंध लगाया गया है तो उसका आधार क्या है या यह किसी तकनीकी कारण से हुआ है। इसलिए अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मामला कंटेंट मॉडरेशन, तकनीकी गड़बड़ी या किसी अन्य वजह से जुड़ा है।

क्यों बढ़ी इस मामले की चर्चा?

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब भारत में Meta पहले से ही सरकारी जांच और कंटेंट मॉडरेशन को लेकर चर्चा में है। हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फेसबुक पोस्ट के अस्थायी रूप से प्रतिबंधित होने के मामले पर भी कंपनी को सरकार के सामने स्पष्टीकरण देना पड़ा था। ऐसे माहौल में केजरीवाल का नया आरोप डिजिटल प्लेटफॉर्म की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बहस को और तेज कर सकता है।

अब आगे क्या?

फिलहाल मामला दावे और जवाब के बीच है। एक ओर अरविंद केजरीवाल का कहना है कि उनका अकाउंट भारत में प्रतिबंधित या सीमित कर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर Meta की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। यदि कंपनी स्पष्टीकरण जारी करती है तो इससे यह साफ हो सकेगा कि यह तकनीकी समस्या थी, कंटेंट मॉडरेशन का मामला था या किसी अन्य कारण से यह स्थिति बनी। तब तक इस पूरे विवाद पर राजनीतिक और डिजिटल जगत की नजर बनी हुई है।

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