जंतर-मंतर से रांची तक! मोहम्मद जुनैद अब JPSC-JSSC आंदोलन में कूदे | 'जंतर-मंतर वाली वेज बिरयानी रांची में भी बंटेगी'

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान मुफ्त भोजन और पानी बांटने वाले मोहम्मद जुनैद अब रांची पहुंच गए हैं। उन्होंने JPSC-JSSC भर्ती अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, उनका साथ जारी रहेगा।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए NEET अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान मुफ्त भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था कर चर्चा में आए मोहम्मद जुनैद अब झारखंड की राजधानी रांची पहुंच गए हैं। यहां वे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में शामिल हुए। जुनैद ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की और कहा कि जिस तरह उन्होंने दिल्ली में छात्रों का साथ दिया था, उसी तरह अब झारखंड में भी आंदोलनकारियों के साथ खड़े रहेंगे।
रांची में पिछले दो सप्ताह से हजारों छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कई छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। आंदोलन अब राज्यव्यापी रूप ले चुका है और इसे विभिन्न छात्र संगठनों के साथ-साथ कई राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिल रहा है।

क्या बोले मोहम्मद जुनैद?

मोहम्मद जुनैद ने कहा कि दिल्ली में NEET अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान उन्होंने भोजन और पानी की व्यवस्था कर छात्रों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की थी। अब झारखंड में भी वही प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले आंदोलन की जरूरतों को समझेंगे और फिर भोजन, पानी व अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करेंगे ताकि आंदोलन कर रहे छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और बड़ा होगा। उनका दावा है कि आने वाले दिनों में और भी छात्र संगठन तथा सामाजिक समूह इस आंदोलन से जुड़ सकते हैं।

क्या है JPSC-JSSC आंदोलन?

झारखंड में JPSC और JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और कई परीक्षाओं में गंभीर गड़बड़ियां हुईं। इसी के विरोध में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना जारी है।
छात्रों की प्रमुख मांगों में कथित भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना शामिल है। आंदोलन के दौरान तिरंगा मार्च, विधानसभा घेराव की घोषणा और भूख हड़ताल जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।

आंदोलन लगातार हो रहा है मजबूत

प्रदर्शन के दौरान एक भूख हड़ताल पर बैठे छात्र की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जिससे आंदोलन की गंभीरता और बढ़ गई। इस बीच सरकार की ओर से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाए जाने की जानकारी भी सामने आई है, लेकिन छात्र अभी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के समर्थन के बीच अब मोहम्मद जुनैद की एंट्री ने इस आंदोलन को नई चर्चा दे दी है। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच होने वाली बातचीत पर सभी की नजर रहेगी।

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