अभिजीत दिपके का ऐलान: जंतर-मंतर का 'सीजन-2' बहुत जल्द शुरू होगा
- Babli Ansari
- 12 Aug, 2026
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने एक बार फिर जंतर-मंतर आंदोलन को लेकर बड़ा संकेत दिया है। दिल्ली में मीडिया के सामने उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर लगातार सवाल पूछे जा रहे थे कि ‘जंतर-मंतर का सीजन-2’ कब आएगा, और इसका जवाब अब बहुत जल्द मिलेगा। दिपके के इस बयान के बाद संगठन के अगले कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि उन्होंने तारीख, जगह या नए मुद्दों का खुलासा नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक, यह ऐलान ऐसे वक्त में आया है जब संगठन अपनी पिछली मुहिम के बाद फिर से जमीन तैयार करने में जुटा है।
दिल्ली में वॉलंटियर्स मीट से पहले हंगामा
दिपके ने दावा किया कि दिल्ली में वॉलंटियर्स की बैठक के लिए हॉल तलाशा गया, लेकिन शुरुआत में कोई जगह नहीं मिली। उनका कहना है कि कई हॉल मालिकों ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि उन पर ऊपर से दबाव है। बाद में एक जगह तय हुई, लेकिन दिपके के मुताबिक उसी सुबह हॉल मालिकों को धमकी मिलने की बात सामने आई। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक को रोकने की कोशिश की गई और इसके पीछे बीजेपी का हाथ है। यह आरोप उन्होंने खुलकर मंच से लगाया, लेकिन किसी तरह का दस्तावेजी सबूत सार्वजनिक नहीं किया। इसी वजह से मामला अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर दबाव की शिकायत के तौर पर भी देखा जा रहा है।
पहले भी 37 दिन चला था आंदोलन
जंतर-मंतर से जुड़ी इस मुहिम की पृष्ठभूमि पुरानी है। ईटी और अन्य रिपोर्टों के मुताबिक, CJP ने इससे पहले करीब 37 दिन लंबा धरना दिया था, जिसे 25 जुलाई को वापस ले लिया गया था, जब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कुछ मांगों पर आश्वासन मिला। इसके बाद संगठन ने इस बार आंदोलन को नए स्वरूप में पेश करने की तैयारी शुरू की है। पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने इसे ही ‘सीजन-2’ बताने के बजाय राष्ट्रीय स्तर पर सुनवाई का अभियान करार दिया है। उनका कहना है कि संगठन अब देशभर में लोगों की राय सुनेगा और शिक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देगा। इससे साफ है कि आंदोलन सिर्फ जंतर-मंतर तक सीमित न रहकर एक व्यापक राजनीतिक-सामाजिक अभियान का रूप लेने की कोशिश में है।
आगे का एजेंडा अभी साफ नहीं
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि ‘सीजन-2’ आखिर कब और कहां शुरू होगा। अलग-अलग रिपोर्टों में यह साफ है कि दिपके ने अभी तक न तो तारीख बताई है, न जगह और न ही प्रदर्शन का पूरा एजेंडा। इसी वजह से समर्थकों में उत्सुकता है, तो विरोधियों में इसे लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस ऐलान के बाद CJP फिर सुर्खियों में आ गई है। संगठन के भीतर यह माना जा रहा है कि अगली मुहिम पहले से ज्यादा संगठित और शोरदार हो सकती है, लेकिन राजनीतिक दबाव और हॉल न मिलने जैसे आरोपों ने माहौल को पहले ही गरमा दिया है। अब निगाह इस बात पर टिकी है कि CJP अपने अगले कदम का औपचारिक ऐलान कब करती है।
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