रेप केस में तेजपाल की मुश्किल बढ़ी! SC ने राहत देने से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल की सरेंडर से छूट की याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने उन्हें दो हफ्ते के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा है और कहा है कि अपील पर सुनवाई बाद में होगी।
- Babli Ansari
- 25 Aug, 2026
पूर्व तहलका एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली है। 2013 के रेप केस में बॉम्बे हाईकोर्ट से 10 साल की सजा पाए तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल कर सरेंडर से छूट की मांग की थी। लेकिन मंगलवार को कोर्ट ने उनकी यह मांग खारिज करते हुए उन्हें दो हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनाई थी 10 साल की सजा
यह मामला 2013 का है, जब गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान तेजपाल पर अपनी जूनियर महिला सहकर्मी के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने 2021 में उन्हें बरी कर दिया था। लेकिन 6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने निचली अदालत का फैसला पलटते हुए उन्हें दोषी ठहराया और 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ तेजपाल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और अपील पर सुनवाई से पहले सरेंडर से छूट मांगी। उनके वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि हाईकोर्ट ने उन्हें पहले ही सरेंडर के लिए चार हफ्ते का समय दिया है और वह लंबे समय से जमानत पर रहे हैं। वहीं गोवा सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अपील पर सुनवाई के लिए पहले सरेंडर या सरेंडर से छूट जरूरी है।
अब 22 सितंबर को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने आखिरकार तेजपाल को दो हफ्ते में सरेंडर करने और सरेंडर सर्टिफिकेट जमा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर यह प्रमाणपत्र 22 सितंबर तक जमा हो जाता है, तो उसी दिन उनकी अपील को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। यानी फिलहाल तेजपाल को राहत नहीं मिली है और अब उनकी अगली कानूनी लड़ाई सरेंडर के बाद सुप्रीम कोर्ट में होगी।
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