IPL से 2 हफ्ते दूर रह सकते हैं धोनी, बैटिंग पोज़ीशन और फिटनेस पर क्या कहते हैं पूर्व क्रिकेटर?
- Shiv Kumar
- 28 Mar, 2026
आईपीएल 2026 की शुरुआत भले ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के मुकाबले से हो रही हो, लेकिन पूरे टूर्नामेंट से पहले सबसे ज्यादा चर्चा महेंद्र सिंह धोनी को लेकर है। चेन्नई सुपर किंग्स का पहला मैच अभी बाकी है, लेकिन फैंस के मन में वही पुराना सवाल फिर उठ खड़ा हुआ है—क्या यह माही का आखिरी आईपीएल होगा? पिछले कुछ सालों से यह चर्चा लगातार हो रही है और हर बार यही कहा जाता है कि इसका फैसला खुद धोनी ही करेंगे। इस बार भी माहौल कुछ ऐसा ही है, लेकिन उनके प्रदर्शन और बल्लेबाजी क्रम को लेकर नए-नए कयास लगाए जा रहे हैं, जो इस बहस को और तेज कर रहे हैं।
बल्लेबाजी क्रम पर मंथन, नंबर-6 या ऊपर खेलने की सलाह
पूर्व क्रिकेटर वसीम जाफर का मानना है कि इस सीजन में धोनी नंबर-6 पर बल्लेबाजी करते नजर आ सकते हैं। पिछले सीजन में वे ज्यादातर निचले क्रम में खेले थे और उनके बल्ले से 196 रन ही निकले थे। हालांकि, उनका अनुभव टीम के लिए हमेशा बड़ा फैक्टर रहा है। वहीं इरफान पठान का अलग नजरिया है। उनका कहना है कि धोनी को थोड़ा ऊपर आकर बल्लेबाजी करनी चाहिए, ताकि वे आखिरी के चार-पांच ओवर में ज्यादा समय क्रीज पर बिता सकें। दूसरी ओर आकाश चोपड़ा का मानना है कि इस सीजन में विराट कोहली का प्रदर्शन धोनी और रोहित से बेहतर रहेगा, क्योंकि उनकी फिटनेस और फॉर्म दोनों शानदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक मैच से दूर रहने के बाद अचानक लय पकड़ना धोनी के लिए आसान नहीं होगा।
क्या अब ‘बागडोर सौंपने’ का समय आ गया है?
इरफान पठान ने धोनी के भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका मानना है कि अब समय आ गया है जब धोनी टीम की जिम्मेदारी किसी नए खिलाड़ी को सौंप सकते हैं। उन्होंने संजू सैमसन को इसका सबसे मजबूत दावेदार बताया। पठान के मुताबिक, सैमसन में वह काबिलियत है कि वे टीम का भविष्य बन सकते हैं और फैंस के साथ जुड़ाव भी बना सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धोनी अब बल्लेबाजी में काफी नीचे आ रहे हैं, जिससे उनका प्रभाव कम होता दिख रहा है। ऐसे में टीम को आगे बढ़ाने के लिए नई रणनीति की जरूरत है और सैमसन इस भूमिका के लिए सही विकल्प हो सकते हैं।
फिनिशर की भूमिका पर सवाल, फिटनेस भी चुनौती
धोनी की पहचान एक बेहतरीन फिनिशर के तौर पर रही है, लेकिन अब इस भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। इरफान पठान का कहना है कि पिछले कुछ मुकाबलों में धोनी उस तरह मैच खत्म नहीं कर पाए, जैसा वे पहले करते थे। उम्र बढ़ने के साथ यह चुनौती और मुश्किल हो गई है। आकाश चोपड़ा ने भी कहा कि 40 साल से ज्यादा उम्र में लंबे ब्रेक के बाद सीधे आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में आकर प्रदर्शन करना आसान नहीं होता, खासकर जब बल्लेबाजी के लिए कम गेंदें मिलती हों और पूरे 20 ओवर विकेटकीपिंग भी करनी हो। ऐसे में इस सीजन में धोनी की भूमिका और प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी, खासकर 30 मार्च को होने वाले मुकाबले में।
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