T20 में मचाया था तूफान, वनडे में बुरी तरह फ्लॉप हुए वैभव सूर्यवंशी, ट्राई सीरीज के पहले मैच में नहीं चला बल्ला

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टी20 में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले वैभव सूर्यवंशी का वनडे क्रिकेट में पहला मुकाबला खास नहीं रहा। भारत ए और श्रीलंका ए के मैच में वह सिर्फ 14 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि त्रिकोणीय श्रृंखला में उनके पास अभी तीन और मौके मौजूद हैं।

हाल के दिनों में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में चर्चा बटोरने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का वनडे क्रिकेट में आगाज उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। टी20 प्रारूप में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले वैभव श्रीलंका में खेली जा रही त्रिकोणीय श्रृंखला के पहले मुकाबले में बड़ी पारी नहीं खेल सके। भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए मैच में उनसे तेजतर्रार बल्लेबाजी की उम्मीद थी, लेकिन इस बार उनका बल्ला शांत नजर आया। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें खास तौर पर वैभव पर थीं, क्योंकि हाल ही में उन्होंने अपने आक्रामक खेल से सभी को प्रभावित किया था। हालांकि वनडे प्रारूप में उनका पहला इम्तिहान ज्यादा सफल नहीं रहा और वे जल्द ही पवेलियन लौट गए।


शुरुआत मिली लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके

भारत ए के कप्तान तिलक वर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम की ओर से वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने पारी की शुरुआत की। शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजों ने संभलकर खेलना पसंद किया। वैभव से उम्मीद थी कि वह टी20 की तरह तेज शुरुआत करेंगे, लेकिन श्रीलंका की परिस्थितियों में वह सहज नहीं दिखे। उन्होंने 12 गेंदों का सामना करते हुए सिर्फ 14 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से तीन चौके निकले, लेकिन कोई छक्का नहीं आया। उनका स्ट्राइक रेट 116.67 रहा, जो उनके हालिया प्रदर्शन की तुलना में काफी कम माना जा रहा है। आखिरकार वह बड़ी पारी खेले बिना ही आउट हो गए और टीम को मजबूत शुरुआत नहीं दिला सके।


टी20 और वनडे में दिखा बड़ा अंतर

वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में टी20 क्रिकेट में अपने आक्रामक अंदाज से खूब सुर्खियां बटोरी थीं। उन्होंने कई मुकाबलों में तेज अर्धशतक लगाए और गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाया। एक मुकाबले में तो उन्होंने केवल 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर सबको चौंका दिया था। लेकिन वनडे क्रिकेट में परिस्थितियां और रणनीति दोनों अलग होती हैं। श्रीलंका की पिचें आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जाती हैं, जहां धैर्य और लंबी पारी खेलने की जरूरत होती है। ऐसे में युवा बल्लेबाज के लिए यह एक नई परीक्षा साबित हो रही है। पहले मैच में वह इस चुनौती को पूरी तरह पार नहीं कर पाए।


अभी तीन और मैचों में मिलेगा मौका

त्रिकोणीय श्रृंखला में भारत ए, श्रीलंका ए और अफगानिस्तान ए की टीमें हिस्सा ले रही हैं। लीग चरण में हर टीम दो-दो बार एक-दूसरे से भिड़ेगी, जिसके बाद शीर्ष दो टीमें फाइनल में पहुंचेंगी। इसका मतलब है कि भारत ए के अभी तीन और मुकाबले बाकी हैं और वैभव सूर्यवंशी के पास वापसी का पूरा मौका होगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिभाशाली बल्लेबाज को जल्दबाजी में आंकना सही नहीं होगा। आने वाले मैचों में अगर वह परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल लेते हैं तो फिर से अपनी बल्लेबाजी का जलवा दिखा सकते हैं।

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