FIFA World Cup 2026 में सोशल मीडिया पर नफरत! 89 हजार अभद्र पोस्ट की पहचान
वर्ल्ड कप 2026 के दौरान खिलाड़ियों को मिली ऑनलाइन गालियां, FIFA की बड़ी रिपोर्ट
- Babli Ansari
- 02 Jul, 2026
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज के दौरान सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों, टीमों और फैन्स के खिलाफ अभद्र टिप्पणियों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। FIFA की सोशल मीडिया प्रोटेक्शन सर्विस (SMPS) की रिपोर्ट के अनुसार, टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में करीब 89,000 आपत्तिजनक और अभद्र पोस्ट की पहचान की गई। संगठन का कहना है कि खिलाड़ियों और अधिकारियों को ऑनलाइन नफरत और ट्रोलिंग से बचाने के लिए निगरानी लगातार मजबूत की जा रही है।
ग्रुप स्टेज में हजारों आपत्तिजनक पोस्ट की पहचान
FIFA की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रुप स्टेज के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में खिलाड़ियों, टीमों और मैच अधिकारियों को निशाना बनाकर पोस्ट किए गए। जांच के दौरान करीब 89 हजार पोस्ट ऐसे पाए गए, जिन्हें अभद्र, अपमानजनक या आपत्तिजनक श्रेणी में रखा गया।
रिपोर्ट के अनुसार, मॉनिटर किए गए कंटेंट में लगभग 11 प्रतिशत पोस्ट ऐसे थे, जिनमें अपमानजनक भाषा, ट्रोलिंग या ऑनलाइन दुर्व्यवहार पाया गया। इन पोस्टों की पहचान कर संबंधित प्लेटफॉर्म्स को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया।
सोशल मीडिया सुरक्षा सेवा ने बढ़ाई निगरानी
FIFA ने खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों की डिजिटल सुरक्षा के लिए अपनी सोशल मीडिया प्रोटेक्शन सर्विस (SMPS) को पहले से अधिक सक्रिय किया है। इस सेवा के माध्यम से सोशल मीडिया पर प्रकाशित पोस्टों की लगातार निगरानी की जाती है और आपत्तिजनक सामग्री की पहचान होने पर उसे रिपोर्ट किया जाता है। फीफा का कहना है कि ऑनलाइन ट्रोलिंग और हेट स्पीच खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है। इसी वजह से टूर्नामेंट के दौरान डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
खिलाड़ियों और फैन्स की सुरक्षा पर विशेष फोकस
FIFA ने स्पष्ट किया है कि खिलाड़ियों, रेफरी और अन्य संबंधित लोगों को ऑनलाइन दुर्व्यवहार से बचाने के लिए आगे भी निगरानी जारी रहेगी। संगठन सोशल मीडिया कंपनियों के साथ मिलकर आपत्तिजनक पोस्ट हटाने और दोषी अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया को और मजबूत करने पर काम कर रहा है। फीफा का मानना है कि खेल भावना को बनाए रखने के लिए मैदान के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सम्मानजनक व्यवहार जरूरी है। इसी उद्देश्य से सोशल मीडिया सुरक्षा व्यवस्था को लगातार और प्रभावी बनाया जा रहा है।
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