भारत की प्लेइंग-11 में बदलाव की तैयारी? वैभव सूर्यवंशी की एंट्री पर नजर, गेंदबाजी में भी हो सकता है फेरबदल

top-news
भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे टी20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग का मौका मिल सकता है। संजू सैमसन की खराब फॉर्म टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ा रही है। इसके अलावा भारतीय टीम तेज गेंदबाजी संयोजन में बदलाव पर भी विचार कर सकती है।

भारत और वेस्टइंडीज के बीच शुक्रवार को होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में टीम इंडिया की सलामी जोड़ी में बदलाव देखने को मिल सकता है। संजू सैमसन की लगातार नाकामी के बीच युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने का मौका मिल सकता है। भारतीय टीम पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। हालांकि, टीम प्रबंधन के सामने सैमसन की फॉर्म और गेंदबाजी संयोजन को लेकर कुछ सवाल हैं। दूसरी ओर, मध्यक्रम के बल्लेबाजों के प्रदर्शन ने टीम को राहत दी है।


संजू सैमसन की खराब फॉर्म बनी परेशानी

संजू सैमसन पिछली चार पारियों में केवल 29 रन बना सके हैं। इस दौरान उनका सर्वोच्च स्कोर 11 रन रहा है। उनकी लगातार नाकामी के कारण टीम को शुरुआती ओवरों में मजबूत शुरुआत नहीं मिल पाई। हालांकि, मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने इस कमी को काफी हद तक संभाल लिया। पिछले मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर ने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक लगाया। अपने 68वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में यह उपलब्धि हासिल करने वाले अय्यर के प्रदर्शन से भारतीय टीम को मजबूती मिली। ऐसे में सलामी जोड़ी में बदलाव की संभावना पर चर्चा हो सकती है।


वैभव सूर्यवंशी को क्यों मिल सकता है मौका

वैभव सूर्यवंशी ने अब तक मिले अवसरों पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से प्रभावित किया है। बाएं हाथ के इस युवा बल्लेबाज के पास कई तरह के शॉट हैं और वह शुरुआती ओवरों में विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता रखते हैं। जापान में हुए एशियाई खेलों में सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा ने पारी की शुरुआत की थी, जबकि सैमसन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे। इसके बावजूद टीम प्रबंधन ने अब तक अभिषेक और सैमसन की स्थापित सलामी जोड़ी को प्राथमिकता दी है। लगातार खराब प्रदर्शन के बीच सैमसन को लेकर फैसला करना टीम प्रबंधन के लिए अहम हो सकता है।


अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सूर्यवंशी के प्रदर्शन पर भी नजर

सूर्यवंशी की प्रतिभा के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रदर्शन को लेकर भी टीम प्रबंधन को विचार करना होगा। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत की 0-3 से हार के दौरान उन्होंने 14, 13 और 15 रन बनाए थे। वहीं, एशियाई खेलों में बिहार के इस बल्लेबाज ने 18 और 35 रन की पारियां खेलीं। एक युवा खिलाड़ी के लिहाज से ये स्कोर निराशाजनक नहीं हैं, लेकिन इससे यह भी स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं है। ऐसे में केवल उनकी लोकप्रियता या आक्रामक अंदाज के आधार पर उन्हें मौका देने के बजाय टीम प्रबंधन सभी पहलुओं पर विचार कर सकता है। मौजूदा सीरीज सैमसन के लिए भी अपनी जगह मजबूत करने का अवसर है।


तेज गेंदबाजी में बदलाव पर भी हो सकता है विचार

भारतीय टीम तेज गेंदबाजी संयोजन में बदलाव पर भी विचार कर सकती है। लखनऊ में खेले गए पहले टी20 मुकाबले के शुरुआती ओवर में मयंक यादव ने 16 रन दिए थे। वह बीच के ओवरों और अंतिम ओवरों में भी महंगे साबित हुए। ऐसे में ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को टीम में शामिल करने और उनसे नई गेंद से गेंदबाजी कराने का विकल्प देखा जा सकता है। हालांकि, वनडे सीरीज के दौरान यह प्रयोग ज्यादा सफल नहीं रहा था। स्पिन विभाग में कुलदीप यादव और अक्षर पटेल की जोड़ी ने पहले मैच में दो-दो विकेट लेकर अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं, युवा ऑलराउंडर नमन धीर ने ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हुए 31 रन देकर तीन विकेट लिए। भारतीय टीम को दूसरे मैच में बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी संतुलन बनाए रखने पर ध्यान देना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *