Holi पर रंग में भंग न कर दें चंद्र ग्रहण: जानें क्या करें और क्या न करें!
इस साल 14 मार्च 2025 को होली के दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, जिससे लोगों के मन में इसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
- Rishabh Chhabra
- 12 Mar, 2025
इस साल 14 मार्च 2025 को होली के दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, जिससे लोगों के मन में इसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा। फिर भी, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में कुछ विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। आइए जानते हैं कि होली के दिन चंद्र ग्रहण के प्रभाव, उसके समय और इससे जुड़े नियमों के बारे में।
होली पर चंद्र ग्रहण 2025 का समय
भारतीय समयानुसार, 14 मार्च 2025 को चंद्र ग्रहण सुबह 09:29 मिनट से दोपहर 03:29 मिनट तक रहेगा। यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए इसका सीधा प्रभाव यहां नहीं पड़ेगा। लेकिन फिर भी, इस दौरान कुछ धार्मिक नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या न करें?
ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है, इसलिए इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है—
ग्रहण के समय कुछ भी खाने-पीने से बचें।
भगवान की मूर्तियों को न छुएं और पूजा-पाठ न करें।
इस समय भोजन पकाना वर्जित माना जाता है।
ग्रहण काल में सोना अशुभ होता है, इसलिए सोने से बचें।
नकारात्मक स्थानों पर जाने से परहेज करें।
चाकू, कैंची और सुई का उपयोग न करें।
गर्भवती महिलाएं इस समय घर से बाहर न निकलें।
नग्न आंखों से ग्रहण को देखने से बचें।
ग्रहण के दौरान क्या करें?
ग्रहण के दौरान सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए इन उपायों को अपनाएं—
घर में गंगाजल का छिड़काव करें और वातावरण को शुद्ध करें।
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें और शुद्ध वस्त्र धारण करें।
भगवान विष्णु और भोलेनाथ के मंत्रों का जाप करें।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना लाभकारी होगा।
ग्रहण के बाद दान-पुण्य करें, जिससे नकारात्मक प्रभाव कम हो सके।
चंद्र ग्रहण में कैसे मनाएं होली?
चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा और इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा, इसलिए बिना किसी बाधा के होली मनाई जा सकती है। हालांकि, ग्रहण काल के दौरान धार्मिक मान्यताओं का पालन करना उचित होगा। यदि मन में कोई संदेह हो, तो किसी योग्य पंडित से परामर्श लेकर होली मनाने का निर्णय लें।
इस बार होली का पर्व विशेष होने वाला है क्योंकि सूर्यदेव भी इस दिन राशि परिवर्तन करेंगे। इसलिए यह दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहेगा। धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए, सभी को होली के रंगों में सराबोर होना चाहिए और उल्लासपूर्वक त्योहार का आनंद लेना चाहिए।
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