Ayodhya में CM योगी ने क्यों कही सत्ता गंवाने की बात, पढ़ें सुपर एक्सक्लूसिव खबर एक क्लिक में
अयोध्या में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया।
- Rishabh Chhabra
- 21 Mar, 2025
अयोध्या में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी तीन पीढ़ियां श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के लिए समर्पित रही हैं और अगर राम मंदिर के लिए सत्ता भी गंवानी पड़े तो उन्हें कोई परवाह नहीं है।
अयोध्या के बारे में सोचना जरूरी
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि जब वह मुख्यमंत्री बने तो नौकरशाही में एक बड़ा वर्ग था जो अयोध्या जाने को विवादित मानता था। लेकिन उन्होंने इन बातों की परवाह किए बिना अयोध्या के विकास की योजना बनाई। उन्होंने कहा, "अगर विवाद होना है तो होने दो, लेकिन हमें अयोध्या के बारे में सोचना जरूरी है।"
मुख्यमंत्री ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार अयोध्या दीपोत्सव की योजना बनाई, तो इसे लेकर भी कई तरह की अड़चनें आईं। उन्होंने अवनीश अवस्थी को चुपचाप अयोध्या भेजा और वहां का सर्वेक्षण करने को कहा। अवस्थी की रिपोर्ट के बाद तय किया गया कि दीपोत्सव को एक भव्य आयोजन के रूप में मनाया जाएगा। आज यह आयोजन दीपावली से पहले एक बड़े त्योहार के रूप में स्थापित हो चुका है।
अयोध्या: सनातन धर्म की प्रेरणा स्थली
सीएम योगी ने अपने संबोधन में अयोध्या को भारत के सनातन धर्म की आधारभूमि बताया। उन्होंने कहा कि अयोध्या सप्तपुरियों में प्रथम पुरी है और यह स्थान सनातन धर्म की प्रेरणा स्थली रही है। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि का जिक्र करते हुए कहा कि महर्षि नारद ने वाल्मीकि को राम पर लिखने की प्रेरणा दी, और तब जाकर रामायण जैसा महाकाव्य अस्तित्व में आया।
रामायण ग्रंथ नहीं महाकाव्य है
उन्होंने यह भी कहा कि भगवान ऋषभदेव से चली परंपरा के तहत भगवान मनु ने धरती पर मानव धर्म की व्यवस्था तय की, जिसकी शुरुआती भूमि अयोध्या रही। "रामायण न केवल एक धार्मिक ग्रंथ है, बल्कि यह व्यावहारिक संस्कृति का पहला महाकाव्य भी है। इससे सीखना चाहिए कि अपनी लेखनी को धन्य कैसे बनाना है," उन्होंने कहा।
श्रीराम मंदिर का निर्माण राजनीतिक एजेंडा नहीं
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि अयोध्या का विकास और श्रीराम मंदिर का निर्माण उनके लिए केवल राजनीतिक एजेंडा नहीं, बल्कि आस्था और विरासत का विषय है। उन्होंने कहा कि सत्ता से बड़ा धर्म और संस्कृति होता है, और यदि राम मंदिर के लिए सत्ता भी छोड़नी पड़े, तो वे पीछे नहीं हटेंगे.
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