Jungle Safari का नया रोमांच, कतर्नियाघाट से दुधवा तक विस्टाडोम ट्रेन से वन्यजीवों की झलक का उठाएं लुत्फ
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के पर्यटन को एक नई दिशा देते हुए विस्टाडोम कोच से सुसज्जित पर्यटक ट्रेन की शुरुआत की है।
- Rishabh Chhabra
- 17 May, 2025
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के पर्यटन को एक नई दिशा देते हुए विस्टाडोम कोच से सुसज्जित पर्यटक ट्रेन की शुरुआत की है। यह ट्रेन कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य से दुधवा टाइगर रिजर्व तक जाती है, जो यात्रियों को जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव प्रदान करती है। इस अनूठी पहल से उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां ट्रेन के जरिए पर्यटकों को जंगल सफारी कराई जा रही है।
सप्ताह में दो दिन मिलेगे सुविधा
यह ट्रेन फिलहाल शनिवार और रविवार को चलाई जा रही है, लेकिन आने वाले दिनों में इसे सप्ताह के सातों दिन चलाने की योजना है। यह सेवा पूरे वर्ष भर उपलब्ध रहेगी, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
कम कीमत में रोमांचक सफर
इस सफर की लंबाई 107 किलोमीटर है और इसमें लगते हैं लगभग चार घंटे 25 मिनट। विस्टाडोम कोच की खिड़कियों और पारदर्शी छतों से यात्री घने जंगल, वेटलैंड, घास के मैदान और वन्यजीवों की झलक ले सकते हैं। इसका किराया भी बेहद किफायती है—प्रति यात्री मात्र 275 रुपये।
Bichia to Mailani ट्रेन का टाइम टेबल
पर्यटक ट्रेन ‘Bichia to Mailani Tourist Passenger Train (No. 52259)’ सुबह 11:45 बजे बिछिया (बहराइच) से रवाना होकर दोपहर 4:10 बजे मैलानी (लखीमपुर खीरी) पहुंचती है। वापसी की ट्रेन ‘Mailani to Bichia (No. 52260)’ सुबह 6:05 बजे मैलानी से चलती है और 10:30 बजे बिछिया पहुंचती है।
इन 9 स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन
यह पर्यटक ट्रेन बिछिया, मंझरा पुरब, खैराटिया बांध रोड, तिकुनिया, बेलरायन, दुधवा, पलिया कलां, भीरा खीरी और मैलानी स्टेशनों से होकर गुजरती है। यात्रा के दौरान यात्री प्राकृतिक दृश्यावली, जैव विविधता और अभयारण्यों का नजदीक से अनुभव कर सकते हैं।
राज्य में ईको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
यह सेवा प्रदेश में ईको टूरिज्म को मजबूती दे रही है। स्थानीय होमस्टे, रिसॉर्ट और ट्रैवल एजेंसियों को इससे नई ऊर्जा मिल रही है। साथ ही युवाओं के लिए भी रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। सरकार स्कूलों के बच्चों के लिए विशेष टूर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए विशेष यात्राएं भी आयोजित कर रही है।
प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश
इस पहल से न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य की जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश भी समाज तक पहुंचेगा। सीएम योगी और उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म बोर्ड के प्रयासों से यह योजना प्रदेश के हरित भविष्य की दिशा में एक अहम कदम है।
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