90 साल की उम्र में देश के सबसे वरिष्ठ सपा विधायक का निधन, 5 बार जीते चुनाव, स्कूटर से विधानसभा पहुंचने की तस्वीरें हुई थीं वायरल

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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक आलमबदी आजमी का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पांच बार विधायक रहे आलमबदी अपनी सादगी, ईमानदारी और गांधीवादी सोच के लिए पहचाने जाते थे। उनके निधन के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा में चार सीटें रिक्त हो गई हैं।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा के सबसे उम्रदराज विधायक आलमबदी आजमी का बुधवार देर रात 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने आजमगढ़ स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह पिछले चार महीनों से अस्वस्थ थे और लखनऊ के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। कुछ दिन पहले उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। उनके निधन की खबर मिलते ही समाजवादी पार्टी के नेताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार दोपहर 3 बजे उन्हें पूरे सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।


पांच बार विधायक रहे, सादगी से बनाई अलग पहचान

आलमबदी आजमी का जन्म 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ में हुआ था। उन्होंने 1996 से 2007 तक लगातार निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और कुल पांच बार विधायक चुने गए। उन्हें समाजवादी आंदोलन का मजबूत चेहरा माना जाता था। मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के विश्वसनीय नेताओं में उनकी गिनती होती थी। सादगी उनके जीवन की सबसे बड़ी पहचान रही। कुछ महीने पहले वह स्कूटी से विधानसभा पहुंचे थे, जिसकी तस्वीरें और वीडियो काफी चर्चा में रहे थे। उनका मानना था कि जनप्रतिनिधि को दिखावे नहीं, बल्कि जनता के बीच रहकर काम करना चाहिए।


ईमानदारी की मिसाल बने रहे आलमबदी आजमी

आलमबदी आजमी के जीवन से जुड़ी कई घटनाएं आज भी राजनीतिक गलियारों में मिसाल के तौर पर सुनाई जाती हैं। वर्ष 1996 के विधानसभा चुनाव के दौरान मुलायम सिंह यादव ने चुनाव खर्च के लिए उन्हें पांच लाख रुपये भेजे थे, लेकिन उन्होंने यह राशि लेने से इनकार कर दिया। वह स्वयं लखनऊ पहुंचे और पूरी रकम वापस कर दी। उनका कहना था कि चुनाव जनता के भरोसे लड़ेंगे, किसी आर्थिक सहायता की जरूरत नहीं है। साधारण कपड़े पहनना और सादा जीवन जीना उनकी पहचान थी।


चार विधानसभा सीटें हुईं खाली, अब माता प्रसाद सबसे वरिष्ठ विधायक

आलमबदी आजमी के निधन के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा में रिक्त सीटों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। इनमें तीन सीटें समाजवादी पार्टी और एक सीट भाजपा की हैं। इससे पहले सोनभद्र की दुद्धी सीट से विजय सिंह गोंड, बरेली की फरीदपुर सीट से प्रो. श्याम बिहारी लाल और मऊ की घोसी सीट से सुधाकर सिंह के निधन के कारण सीटें खाली हो चुकी हैं। विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने में एक वर्ष से कम समय बचा है, इसलिए इन सीटों पर उपचुनाव होने की संभावना नहीं है। अब नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय उत्तर प्रदेश विधानसभा के सबसे वरिष्ठ विधायक बन गए हैं।

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