Mahakumbh हादसे को लेकर अखिलेश का सरकार पर वार, बोले- "सच को छिपाना अपराधबोध की निशानी"
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2025 के महाकुंभ का समापन हो चुका है, लेकिन इसे लेकर सियासी घमासान जारी है।
- Rishabh Chhabra
- 27 Feb, 2025
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2025 के महाकुंभ का समापन हो चुका है, लेकिन इसे लेकर सियासी घमासान जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां महाकुंभ के सफल आयोजन को लेकर अपनी सरकार की पीठ थपथपाई, वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हादसे को लेकर सरकार पर तीखे सवाल दागे। अखिलेश ने सोशल मीडिया पर सरकार से भगदड़ में मारे गए लोगों की संख्या सार्वजनिक करने की मांग की और आरोप लगाया कि सरकार सच को छिपा रही है।
अखिलेश ने सरकार पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "2 मिनट का मौन न सही… महाकुंभ में इतनी बड़ी बात लिखते समय, अगर 2 शब्द मृतकों और लापता लोगों के लिए भी लिख देते। सच को छिपाना अपराधबोध की निशानी होती है।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हादसे की सही जानकारी छिपा रही है और मृतकों की सूची सार्वजनिक नहीं कर रही।
"गिद्ध" कहने पर अखिलेश का पलटवार
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर महाकुंभ भगदड़ के पीड़ितों के परिजनों को ‘गिद्ध’ कहने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "सीएम योगी गिद्ध कहकर महाकुंभ में अपनों की तलाश करने वाले लोगों और मृतकों के परिवारों को अपमानित कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग अब भी अपने परिजनों को खोज रहे हैं। मुख्यमंत्री संवेदनहीनता की पराकाष्ठा पार कर रहे हैं।"
"मृतकों की सच्ची लिस्ट कहां है?"
अखिलेश यादव ने बुधवार को एक कार्टून शेयर करते हुए यूपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "श्रद्धालुओं की जान जाना क्या बड़ी घटना नहीं है? मृतकों की सच्ची लिस्ट का क्या हुआ?" यह टिप्पणी यूपी डीजीपी के बयान पर थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि महाकुंभ बिना किसी बड़ी घटना के संपन्न हुआ।
योगी ने किया पलटवार
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर महाकुंभ को लेकर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "महाकुंभ जैसा विशाल आयोजन दुनिया में कहीं नहीं हुआ, लेकिन विरोधियों ने इसे बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। इस दौरान 66 करोड़ 30 लाख श्रद्धालु आए और कोई बड़ी घटना नहीं हुई।"
महाकुंभ पर जारी रहेगा सियासी घमासान
महाकुंभ के समापन के बावजूद यह मुद्दा ठंडा होता नहीं दिख रहा है। सपा और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। विपक्ष जहां सरकार से पारदर्शिता की मांग कर रहा है, वहीं योगी सरकार महाकुंभ को ऐतिहासिक आयोजन बताकर अपनी सफलता का बखान कर रही है।
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