प्लेटफॉर्म पर महिला ने बच्ची को दिया जन्म, RPF के दो उपनिरीक्षकों ने दिखाई तत्परता, डीएम आवास पर हुए सम्मानित

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प्रयागराज जंक्शन पर प्रसव पीड़ा से जूझ रही 28 वर्षीय महिला की मदद करने वाले आरपीएफ उपनिरीक्षक कार्तिक मिश्रा और उषा मौर्य को सम्मानित किया गया। महिला ने प्लेटफॉर्म पर बच्ची को जन्म दिया था। मेडिकल टीम ने दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा, जहां वे स्वस्थ हैं।

प्रयागराज। प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला की समय पर मदद कर मां और नवजात की जान बचाने वाले आरपीएफ के दो उपनिरीक्षकों को सम्मानित किया गया। 29 सितंबर को ड्यूटी के दौरान उपनिरीक्षक कार्तिक मिश्रा और उषा मौर्य की नजर 28 वर्षीय बसंती पर पड़ी, जो प्रसव पीड़ा से कराह रही थीं। दोनों ने बिना देरी किए महिला की मदद शुरू की। इसी दौरान महिला ने प्लेटफॉर्म पर ही बच्ची को जन्म दे दिया। सूचना मिलने के बाद मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और मां-बच्ची को प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद दोनों को अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत स्वस्थ बताई गई।


ड्यूटी के दौरान महिला को प्रसव पीड़ा में देखा
29 सितंबर को आरपीएफ के उपनिरीक्षक कार्तिक मिश्रा और उषा मौर्य प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर 28 वर्षीय बसंती पर पड़ी, जो प्रसव पीड़ा के कारण काफी परेशान थीं। स्थिति को देखते हुए दोनों उपनिरीक्षकों ने तत्काल महिला की मदद शुरू की। उन्होंने मौके पर मौजूद स्थिति को संभालने के साथ मेडिकल सहायता के लिए सूचना दी। दोनों की तत्परता के बीच महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई और कुछ ही देर में उसने प्लेटफॉर्म पर बच्ची को जन्म दिया। अचानक हुई इस स्थिति में उपनिरीक्षकों ने महिला और नवजात की मदद जारी रखी और मेडिकल टीम के पहुंचने तक आवश्यक सहयोग किया।


प्लेटफॉर्म पर बच्ची का जन्म, मेडिकल टीम ने संभाला मोर्चा
महिला के प्लेटफॉर्म पर ही बच्ची को जन्म देने के बाद मामले की सूचना मेडिकल टीम को दी गई। जानकारी मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और मां-बच्ची को प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद दोनों को अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत स्वस्थ बताई गई। समय पर मेडिकल सहायता मिलने से महिला और नवजात को आगे का उपचार उपलब्ध कराया गया। इस पूरी घटना के दौरान आरपीएफ के दोनों उपनिरीक्षकों की तत्परता महत्वपूर्ण रही। ड्यूटी के दौरान प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला की स्थिति को पहचानकर उन्होंने तुरंत मदद शुरू की और मेडिकल टीम को सूचना दी। उनकी इस पहल से मौके पर मौजूद स्थिति को संभालने में भी मदद मिली।


डीएम आवास पर प्रशस्तिपत्र देकर किया गया सम्मानित
महिला और नवजात की मदद करने वाले दोनों आरपीएफ उपनिरीक्षकों को उनकी मानवीय पहल के लिए सम्मानित किया गया। डीएम आवास पर डॉक्टर अंकिता राज ने उपनिरीक्षक कार्तिक मिश्रा और उषा मौर्य को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान उनकी संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की गई। दोनों उपनिरीक्षकों ने ड्यूटी के दौरान प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला की स्थिति को गंभीरता से लिया और तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की पहल की थी। घटना के बाद मां और बच्ची दोनों के स्वस्थ होने की जानकारी सामने आई। सम्मान के जरिए उनकी इस मानवीय पहल को प्रोत्साहित किया गया और ड्यूटी के दौरान दिखाई गई संवेदनशीलता की प्रशंसा की गई।

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