मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 1.16 लाख आवेदन, दुल्हन के खाते में सीधे आएंगे 64 हजार रुपये
- Babli Ansari
- 25 Oct, 2026
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेटियों की शादी का खर्च उठाने में असमर्थ परिवारों के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदन का सिलसिला तेज हो गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक प्रदेशभर से 1,16,668 आवेदन समाज कल्याण विभाग को प्राप्त हुए हैं। जांच के बाद 34,845 आवेदन मंजूर किए जा चुके हैं, जबकि 11,679 आवेदन अपात्र पाए गए हैं। सरकार ने इस साल 72,540 जोड़ों का विवाह कराने का लक्ष्य रखा है और उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 28,833 जोड़ों की शादी संपन्न हो चुकी है। योजना के तहत हर पात्र जोड़े पर एक लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है। इसमें सबसे बड़ी रकम 64 हजार रुपये दुल्हन के बैंक खाते में सीधे भेजी जाएगी, ताकि नवदंपती गृहस्थी की शुरुआत कर सकें।
एक लाख रुपये की सहायता, तीन हिस्सों में खर्च
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सरकार सहायता राशि को तीन हिस्सों में देती है। 64 हजार रुपये कन्या के खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते हैं। 21 हजार रुपये विवाह के दौरान दी जाने वाली उपहार और गृहस्थी की सामग्री पर खर्च किए जाते हैं, जबकि 15 हजार रुपये मंडप, भोजन, टेंट और आयोजन से जुड़ी दूसरी व्यवस्थाओं के लिए निर्धारित हैं। जिलों में आयोजित समारोहों में वर-वधू को कपड़े, बर्तन, बिस्तर, बैग, घड़ी, पंखा, प्रेस, कंबल और अन्य घरेलू सामान दिए जा रहे हैं। कुछ जिलों में करीब 27 प्रकार की सामग्री उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों के अनुसार, भुगतान व्यवस्था को आधार से जुड़े बैंक खाते के जरिए पारदर्शी बनाने पर जोर है। इससे बिचौलियों की भूमिका घटेगी और सहायता सीधे लाभार्थी तक पहुंचेगी।
ऑनलाइन आवेदन और पात्रता जांच पर जोर
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक परिवारों को समाज कल्याण विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण, आय संबंधी दस्तावेज, आधार विवरण, बैंक खाते की जानकारी और विवाह से जुड़े जरूरी कागजात लगाने पड़ते हैं। विभागीय स्तर पर आवेदन की जांच के बाद ही पात्र जोड़ों को सामूहिक विवाह समारोह में शामिल किया जाता है। जिला अधिकारियों ने आवेदकों से समारोह की तय तारीख से कम से कम एक सप्ताह पहले आवेदन पूरा करने की अपील की है। जानकारी के मुताबिक, आय, उम्र, निवास और दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है। विभाग अब जिलों से प्राप्त आवेदनों की छंटाई और सत्यापन तेजी से करा रहा है, ताकि लक्ष्य के मुताबिक शादियां कराई जा सकें।
जिलों में समारोह, हजारों परिवारों को राहत
योजना के तहत बुलंदशहर, बलिया, देवरिया समेत कई जिलों में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जा चुके हैं। बुलंदशहर में 302 जोड़ों ने विवाह किया, जिनमें 270 हिंदू जोड़े और 32 मुस्लिम जोड़े शामिल थे। बलिया में 76 जोड़ों का विवाह कराया गया, जबकि अन्य जिलों में भी सैकड़ों परिवारों ने सरकारी आयोजन के जरिए बेटियों की शादी की। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने समारोहों में पहुंचकर नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। लाभार्थी परिवारों का कहना है कि योजना से शादी का आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है। समाज कल्याण विभाग का लक्ष्य अब लंबित पात्र आवेदनों का सत्यापन पूरा कर अधिक से अधिक जोड़ों को लाभ देना है। बताया जा रहा है कि आने वाले महीनों में जिला स्तर पर सामूहिक विवाह के और कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
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