देश के 17 राज्यों में मौसम का दोहरा प्रहार, कहीं भारी बारिश तो कहीं लू का अलर्ट
- Babli Ansari
- 15 Jun, 2026
नई दिल्ली। देश के मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। कहीं बादल जमकर बरसने की तैयारी में हैं, तो कहीं गर्म हवाएं और धूलभरी आंधी लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाली हैं। भारतीय मौसम विभाग ने बिहार से राजस्थान तक और दिल्ली-एनसीआर से लेकर पूर्वोत्तर तक 17 राज्यों के लिए अलग-अलग चेतावनियां जारी की हैं। मानसून की रफ्तार फिलहाल सुस्त बताई जा रही है, लेकिन कई इलाकों में अगले 24 से 48 घंटे के भीतर तेज बारिश, तेज हवाएं, बिजली गिरने और लू जैसी स्थितियां बन सकती हैं। राजधानी में भी मौसम पल-पल बदल रहा है और उमस ने लोगों को परेशान कर रखा है।
दिल्ली-एनसीआर से राजस्थान तक बदला मौसम का रुख
जानकारी के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवा चल सकती है। मौसम विभाग ने यहां गरज-चमक की भी संभावना जताई है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन उमस अभी बनी रहेगी। दूसरी तरफ राजस्थान में हालात बिल्कुल अलग हैं। पश्चिमी हिस्सों में धूलभरी आंधी और तेज झोंके चलने का अनुमान है, जबकि कुछ जिलों में गर्मी का असर अभी भी कम नहीं हुआ है। पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश राहत दे सकती है, मगर बड़ा इलाका फिलहाल तपिश और अस्थिर मौसम के घेरे में है।
बिहार, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और झारखंड में भी बादल, बिजली और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई जगहों पर आंधी के साथ अचानक मौसम बदलने की आशंका है, जिससे खेतों और खुले इलाकों में काम कर रहे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति मानसूनी सिस्टम की कमजोर चाल और स्थानीय मौसमी दबावों के चलते बन रही है। यही वजह है कि एक ही समय पर देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, आंधी और लू, तीनों तरह के हालात दिख रहे हैं।
मानसून की सुस्त चाल, कई राज्यों पर असर
मौसम विभाग के बुलेटिन में बताया गया है कि मानसून अभी पूरे दमखम के साथ आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसकी वजह से कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां रुक-रुक कर चल रही हैं, जबकि कई राज्यों में उमस और गर्मी ने असर बढ़ा दिया है। यही सुस्ती अब किसानों, यात्रियों और दैनिक कामकाज पर असर डाल रही है। जहां बारिश चाहिए वहां बादल नहीं बरस रहे, और जहां आंधी-तूफान की आशंका है वहां लोग खुली जगहों पर निकलने से बच रहे हैं। शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम का खतरा भी बना हुआ है, खासकर उन इलाकों में जहां थोड़ी देर की तेज बारिश भी सड़क व्यवस्था बिगाड़ देती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी है और कई जगहों पर भूस्खलन व जलभराव की आशंका जताई गई है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे ताजा अपडेट पर नजर रखें और आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें। फिलहाल संकेत यही हैं कि आने वाले कुछ दिन मौसम को लेकर राहत और परेशानी, दोनों का मिला-जुला दौर लेकर आएंगे।
लोगों पर सीधा असर, प्रशासन भी अलर्ट पर
तेज बारिश और धूलभरी आंधी की दोहरी मार से जनजीवन पर सीधा असर पड़ने वाला है। स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर आने-जाने वालों और सड़क पर काम करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ सकती है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में खड़ी फसल पर भी मौसम का असर पड़ने की आशंका है। दूसरी ओर, जिन राज्यों में लू का खतरा बना हुआ है, वहां दोपहर के समय बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में पानी की कमी, थकान और डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ सकते हैं, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।
इधर, राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े तंत्र को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए जा रहे हैं। बिजली कटौती, पेड़ों के गिरने, कच्चे मकानों को नुकसान और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी स्थितियों से निपटने की तैयारी रखने को कहा गया है। मौसम का यह मिजाज अभी कुछ दिन और बना रह सकता है, इसलिए लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और सिर्फ आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नजर रखें। मौसम की यह उठापटक फिलहाल पूरे उत्तर और मध्य भारत में चिंता की वजह बनी हुई है।
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