साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क उजागर, दिल्ली पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोचा, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 15 लाख की ठगी
- Shiv Kumar
- 16 Jun, 2026
दिल्ली पुलिस ने रोहिणी साइबर थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक हाईटेक साइबर गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को डराकर, खुद को पुलिस और सरकारी अधिकारी बताकर डिजिटल तरीके से बंधक बनाता था और फिर बैंक खातों के जरिए मोटी रकम ऐंठ लेता था।
शिकायत से शुरू हुई जांच, 15 लाख की ठगी का खुलासा
मामले की शुरुआत जनवरी 2026 में हुई, जब पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उसे एक महिला का कॉल आया, जिसने खुद को टेलीकॉम कंपनी की कर्मचारी बताया और आधार कार्ड से जुड़े एक मामले का डर दिखाया। इसके बाद वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी। लगातार डर और दबाव बनाकर उसे “आरबीआई जांच” के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने को मजबूर किया गया। इस तरह 9 जनवरी से 16 जनवरी 2026 के बीच पीड़ित ने कुल 15.31 लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेज दिए।
क्रिप्टो नेटवर्क से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। आरोपियों का एक साथी नूर आलम पाकिस्तान में बैठे बिलाल नाम के व्यक्ति के संपर्क में था। यह गैंग ठगी की रकम को बैंक खातों के जरिए इकट्ठा करता था और फिर उसे USDT क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेज देता था। इसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए सक्रिय था और नए बैंक अकाउंट्स व लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
तीन आरोपी गिरफ्तार, बैंक खाते और रकम फ्रीज
पुलिस ने तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पहले कन्नौज से अंकित को गिरफ्तार किया। इसके बाद सैफ अंसारी और गिरोह के मास्टरमाइंड मो. नूर आलम को भी दबोच लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं और ठगी के पैसों में से 1.03 लाख रुपये बैंक खातों में फ्रीज कर दिए हैं। गिरफ्तार आरोपी लगातार बैंक खातों की व्यवस्था कर साइबर ठगों को सपोर्ट कर रहे थे।
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