जापान में नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी, दिल्ली पुलिस ने बरेली से दो साइबर ठग दबोचे

top-news
दिल्ली पुलिस ने जापान में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने वाले साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बरेली से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो फर्जी ईमेल और ऑनलाइन इंटरव्यू के जरिए लोगों से रकम वसूल रहे थे।

नई दिल्ली। विदेश में नौकरी का सपना दिखाकर लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले एक साइबर गिरोह का दिल्ली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पूर्वी जिले की साइबर थाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बरेली से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो जापान की नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं और नौकरी तलाश रहे लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को भर्ती सलाहकार और विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि बताकर लोगों का भरोसा जीतते थे और फिर विभिन्न शुल्कों के नाम पर मोटी रकम वसूल लेते थे। मामले के खुलासे के बाद पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।


महिला से 1.63 लाख रुपये ठगने के बाद खुला मामला

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि उसे जापान की प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था। आरोपियों ने दावा किया कि उसका चयन हो चुका है और आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए दस्तावेज सत्यापन, प्रमाणन, वीजा प्रक्रिया, दूतावास मंजूरी और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अलग-अलग किश्तों में रकम जमा कराई गई। महिला ने कुल 1 लाख 63 हजार रुपये विभिन्न खातों में भेज दिए। बाद में जब नौकरी से जुड़ी कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और संपर्क टूटने लगा, तब उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।


बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान ठगी की रकम के प्रवाह का पता लगाया गया। सबसे पहले एक ऐसे बैंक खाते की पहचान हुई, जिसमें 1.27 लाख रुपये जमा किए गए थे। यह खाता कुश भटनागर के नाम पर पाया गया। आगे की जांच में अमित नामक एक अन्य आरोपी की भूमिका भी सामने आई, जिसके खाते में भी ठगी की रकम पहुंची थी। तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस टीम बरेली पहुंची और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।


फर्जी ईमेल और ऑनलाइन इंटरव्यू से फंसाते थे शिकार

पुलिस के अनुसार आरोपी नौकरी पोर्टल और ऑनलाइन माध्यमों से विदेश में नौकरी तलाश रहे लोगों का डेटा जुटाते थे। इसके बाद जापान की बड़ी कंपनियों के नाम से फर्जी ईमेल भेजकर उम्मीदवारों को बताया जाता था कि उनका चयन हो गया है। फिर ऑनलाइन साक्षात्कार आयोजित किए जाते और उम्मीदवारों से जरूरी दस्तावेज मांगे जाते। पूरी प्रक्रिया को वास्तविक दिखाने के लिए कई तरह के दस्तावेज और संदेश भेजे जाते थे। इसके बाद नौकरी की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर अलग-अलग शुल्क वसूले जाते थे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश में नौकरी के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था को पैसे भेजने से पहले उसकी पूरी जांच जरूर करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *