दिल्ली के नरेला में सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान मेड हैंड ग्रेनेड किए डिस्पोज, DDA के खुले मैदान में हुई कार्रवाई

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दिल्ली के नरेला इलाके में सुरक्षा एजेंसियों ने शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों से बरामद पाकिस्तान निर्मित हैंड ग्रेनेड को डीडीए के खुले मैदान में सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया। एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों और हथियारों की बरामदगी से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं।

दिल्ली के नरेला इलाके में सुरक्षा एजेंसियों ने बरामद किए गए हैंड ग्रेनेड को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। ये हैंड ग्रेनेड कथित तौर पर शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों के खिलाफ हुई कार्रवाई के दौरान बरामद किए गए थे। अधिकारियों की मौजूदगी में नरेला स्थित डीडीए के खुले मैदान में इन्हें निष्क्रिय करने की कार्रवाई की गई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे इलाके में आवश्यक इंतजाम किए गए थे।


संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद बरामद हुए थे हैंड ग्रेनेड

जानकारी के मुताबिक, शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े मामले की जांच के दौरान अलग-अलग सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने बड़ी संख्या में संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई में 200 से ज्यादा संदिग्धों को पकड़ा गया। जांच के दौरान कुछ आरोपियों के पास से हैंड ग्रेनेड समेत अन्य संदिग्ध सामान बरामद किए गए थे। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बरामद किए गए कुछ हैंड ग्रेनेड पाकिस्तान निर्मित बताए गए थे। इसके बाद इन्हें सुरक्षित स्थान पर रखकर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी।


नरेला के खुले मैदान में किया गया निष्क्रिय

बरामद विस्फोटक सामग्री को लंबे समय तक सुरक्षित रखना भी सुरक्षा के लिहाज से चुनौती बन सकता था। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियों ने तय प्रक्रिया के तहत इन हैंड ग्रेनेड को निष्क्रिय करने की कार्रवाई की। इसके लिए नरेला इलाके में डीडीए के खुले मैदान को चुना गया। कार्रवाई के दौरान संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर मौजूद रहीं और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए। खुले क्षेत्र में कार्रवाई किए जाने का उद्देश्य आसपास के लोगों और आबादी को किसी भी संभावित खतरे से दूर रखना था।


जांच एजेंसियां नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुटीं

हैंड ग्रेनेड निष्क्रिय किए जाने के बाद अब जांच एजेंसियों का ध्यान इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं पर है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद हथियार संदिग्धों तक कैसे पहुंचे और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। साथ ही गिरफ्तार किए गए संदिग्धों के संपर्कों और उनके बीच संबंधों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों की जांच में सामने आने वाली जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं।

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