ग्रेटर नोएडा में बसों पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 436 के चालान और 10 बसें जब्त, चेकिंग में मिलीं अनियमितताएं

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दिल्ली की घटना के बाद ग्रेटर नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने यात्री बसों की सघन जांच की। अभियान में 436 बसों के चालान किए गए और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाली 10 बसें जब्त की गईं। पुलिस ने बस संचालकों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली में 16 वर्षीय लड़की के साथ बस के अंदर हुई दरिंदगी की घटना के बाद ग्रेटर नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष अभियान शुरू किया है। गुरुवार को शहर की सड़कों से लेकर एक्सप्रेसवे तक चलने वाली यात्री बसों की सघन जांच की गई। अभियान के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाली 436 बसों के चालान किए गए, जबकि मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली 10 बसों को जब्त कर लिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से बस संचालकों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने साफ किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।


स्लीपर बसों से लेकर एक्सप्रेसवे की बसों तक जांच

ट्रैफिक पुलिस ने अभियान के दौरान स्लीपर बसों के साथ दिल्ली-नोएडा होकर यमुना एक्सप्रेसवे जाने वाली बसों और अलग-अलग परिवहन कंपनियों की यात्री बसों को जांच के दायरे में लिया। पुलिस टीमों ने बसों में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े इंतजामों को देखा। इसके साथ ही बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं या नहीं, पर्दों का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है और महिलाओं के लिए सुरक्षा व प्राथमिकता से जुड़े नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की गई। जांच के दौरान कई बसों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने बस संचालकों को नियमों के मुताबिक सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश भी दिए।


सीसीटीवी और सुरक्षा नियमों में लापरवाही पर कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, जिन बसों में सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले, पर्दे लगाकर बसों का संचालन किया जा रहा था या महिलाओं की सुरक्षा और प्राथमिकता से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था, उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान कुल 436 बसों के चालान किए गए। वहीं गंभीर रूप से नियमों का उल्लंघन करने वाली 10 बसों को जब्त कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यात्री बसों में सुरक्षा मानकों का पालन खास तौर पर जरूरी है, क्योंकि इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और नाबालिग भी सफर करते हैं। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही यात्रियों की सुरक्षा पर भारी पड़ सकती है।


बस एसोसिएशन के पदाधिकारियों को भी दिए निर्देश

डीसीपी ट्रैफिक अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यह विशेष अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि बसों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस ने बस एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें भी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ निर्धारित मानकों के अनुरूप बसों को ही सड़क पर संचालन की अनुमति दी जाएगी। खासकर महिलाओं और नाबालिग यात्रियों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।

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