गाजियाबाद में रिकवरी एजेंटों से भिड़े बाइक सवार, तमंचा लहराने का वीडियो वायरल, युवक को बंधक बनाकर 1 लाख मांगने का आरोप

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गाजियाबाद के लालकुआं में बाइक सवार युवकों और रिकवरी एजेंटों के विवाद में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। युवक पर तमंचा दिखाने और एजेंटों पर बंधक बनाकर एक लाख रुपये मांगने का आरोप है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गाजियाबाद के वेव सिटी थाना क्षेत्र के लालकुआं में बाइक सवार युवकों और फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों के बीच हुए विवाद का मामला दो अलग-अलग मुकदमों तक पहुंच गया है। एक पक्ष ने बाइक सवार युवक पर रिकवरी एजेंटों को तमंचा दिखाकर धमकाने का आरोप लगाया, जबकि दूसरे पक्ष ने रिकवरी एजेंटों पर युवक को बंधक बनाकर उसके भाई से एक लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है। घटना के बाद सड़क पर हथियार लहराने का कथित वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने मामले में तमंचे के साथ पकड़े गए अलहज के अलावा रिकवरी एजेंट दीपक यादव और प्रिंस यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच में सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को शामिल किया जा रहा है।


किस्त को लेकर बाइक रोकने पर हुआ विवाद

पुलिस के अनुसार, 15 सितंबर को लालकुआं क्षेत्र में रिकवरी एजेंटों ने बरेली नंबर की बाइक को रोका था। एजेंट बाइक की फाइनेंस किस्तों के संबंध में जानकारी कर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार अलहज और उसके साथी अमन अजमेरी की एजेंटों से कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर अलहज ने तमंचा निकालकर रिकवरी एजेंटों को धमकाया। मौके पर लोगों की भीड़ जुटने के बाद दोनों युवक वहां से भागने लगे। इस दौरान अलहज को पकड़ लिया गया, जबकि उसका साथी अमन अजमेरी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने अलहज के कब्जे से .315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद करने का दावा किया है। उसके खिलाफ हथियार से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।


रिकवरी एजेंटों पर बंधक बनाकर एक लाख मांगने का आरोप

इसी घटनाक्रम के बाद अलहज के भाई अबू सलीम ने पुलिस को शिकायत दी। आरोप लगाया गया कि रिकवरी एजेंटों ने अलहज को अपनी कार में बैठा लिया और कई घंटे तक उसे अपने साथ घुमाते रहे। शिकायत में कहा गया कि युवक को छोड़ने के बदले उसके भाई से एक लाख रुपये की मांग की गई। रकम नहीं देने पर तमंचे और कारतूस के साथ युवक को पुलिस के हवाले करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। शिकायतकर्ता ने कथित फोन बातचीत की रिकॉर्डिंग पुलिस को उपलब्ध कराई। इसके आधार पर पुलिस ने रिकवरी एजेंटों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य जानकारी के आधार पर दीपक यादव और प्रिंस यादव को गिरफ्तार किया।


दोनों पक्षों के खिलाफ जांच, फरार आरोपियों की तलाश

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दीपक और प्रिंस ने रिकवरी एजेंट के तौर पर काम करने की बात स्वीकार की है। पुलिस का कहना है कि मामले में विशू नाम के व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वहीं, अलहज के साथ मौजूद अमन अजमेरी की तलाश भी जारी है। पुलिस के अनुसार, अलहज के खिलाफ बरेली के अलग-अलग थानों में छह मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। दोनों मामलों में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सड़क पर तमंचा लहराने वाले कथित वीडियो की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।

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